बीजेपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते एंबुलेंस चालक।
लखनऊ। कोरोना काल में सेवा देने वाले 108 व 102 एंबुलेंस के पूर्व चालकों ने बृहस्पतिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार और सेवा संचालित करने वाली जीवीके ईएमआरआई कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। कई चालक अपनी आपबीती सुनाते हुए भावुक हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कोरोना काल में सेवा देने के बावजूद 2021 में उन्हें नौकरी से हटा दिया गया। जीवीके ईएमआरआई कंपनी पर कर्मचारियों को बर्खास्त करने, मानसिक शोषण करने, वेतन से मेंटेनेंस खर्च काटने और विरोध पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराने के आरोप हैं। पूर्व चालक अजय ने बताया कि उन्हें स्वास्थ्य मंत्री के आवास के कई चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि कोरोना काल में उनके करीब 100 साथियों की जान गई। बस्ती से आए सुशील पांडे ने भर्ती के नाम पर ड्राइवरों से 25 हजार और टेक्नीशियनों से 50 हजार रुपये वसूलने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि 2021 में तीन हजार कर्मचारी हटाए गए थे और अब तक नौ हजार लोग नौकरी गंवा चुके हैं।