प्रदेश में आउटसोर्सिंग नियुक्तियों में मनमानी अभी भी नहीं रुक रही है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने इस स्थिति पर आपत्ति जताते हुए जेम पोर्टल के जरिए मैनपॉवर लिए जाने की व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने सेवा प्रदाताओं को किसी भी दशा में मैन्युअल निविदा आवंटित न किए जाने तथा आउटसोर्स पर रखे गए कार्मिकों को तय समय पर निर्धारित मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
शासन के कार्मिक विभाग ने सरकारी विभागों तथा उनके अधीनस्थ संस्थाओं में आउटसोर्सिंग के आधार पर मैनपॉवर की आपूर्ति के लिए 18 दिसंबर 2019 को एक शासनादेश जारी किया था। इसके क्रियान्वयन के लिए श्रम विभाग ने 18 अगस्त 2020 और एमएसएमई विभाग ने 25 अगस्त 2020 को शासनादेश किया। शासन के इन आदेशों में स्पष्ट है कि जेम पोर्टल/ ई-निविदा के जरिए पूर्व में की गई जिन निविदाओं में क्रयादेश जारी हो गया है, उनका नवीनीकरण या विस्तारीकरण नहीं किया जाएगा। इसी तरह तय समयावधि पूरी होने पर पूर्ववर्ती निविदाएं निरस्त मानते हुए नई निविदाएं जेम से की जाएंगी। यह समय सीमा 25 अगस्त को बीत चुकी है। इसके बावजूद कई विभाग अभी भी पुराने अनुबंध को बढ़ाकर पूर्व सेवा प्रदाता कंपनियों से पूर्व व्यवस्था के अंतर्गत कार्य ले रहे हैं। यही नहीं अनुबंध बढ़ाने के लिए शासन से अनुरोध भी किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने शासन, निदेशालय व फील्ड के समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जेम पोर्टल से मैनपॉवर आपूर्ति के संबंध में जारी शासनादेश में दी गई व्यवस्था से किसी भी दशा में विचलन न किया जाए। उन्होंने सेवा प्रदाता कंपनियों के चयन को लेकर जारी व्यवस्था के पुख्ता क्रियान्वयन को लेकर कई महत्वपूर्ण नए दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। इसका कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।