राज्य सरकार ने यूपी बोर्ड की परीक्षाएं नकलविहीन कराने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर एसटीएफ तैनात की जाएगी। सामूहिक नकल पकड़े जाने पर सेक्टर मजिस्ट्रेट या स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी जिम्मेदार माने जाएंगे।
नकल रोकने के लिए एलआईयू की मदद भी ली जाएगी। परीक्षा केंद्र के आसपास लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मुख्य सचिव राजीव कुमार ने शुक्रवार को सभी डीएम और कमिश्नर्स को अपनी कड़ी निगरानी में परीक्षा कराने के लिए पत्र भेजा है। परीक्षाएं 6 फरवरी से 12 मार्च के बीच होंगी।
पत्र में कहा गया है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 2,865 परीक्षा केंद्र कम बनाए गए हैं ताकि निरीक्षण ढंग से किया जा सके। परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-1998 के प्रभावी उपयोग के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य सचिव ने अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात करने को कहा है। जिलास्तर पर डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी में समाचार पत्रों के प्रतिनिधियों को शामिल करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिससे नकल की रोकथाम के लिए बेहतर फीडबैक मिल सके। केंद्र व्यवस्थापकों की संस्तुति पर निगरानी के लिए एलआईयू की मदद लेने की व्यवस्था भी जिला विद्यालय निरीक्षक करेंगे। वहीं, परीक्षा केंद्रों पर बाहर से कराई जाने वाली नकल को रोकने की जिम्मेदारी सेक्टर मजिस्ट्रेट की होगी।