गोमती नगर स्थित सीआईआई में बदलता पर्यावरण विषय पर आयोजित सेंमिनार में बोलते राज्य मंत्री ड
लखनऊ। जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए युवाओं की भागीदारी को निर्णायक मानते हुए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि बढ़ते तापमान और बदलती जलवायु की चुनौती से लड़ने के लिए युवा ऊर्जा, दृष्टिकोण और नवाचार सबसे बड़ी पूंजी हैं। वह मंगलवार को विभूति खंड स्थित सीआईआई कार्यालय के ज्ञान कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित ‘फ्यूचर-5.0 क्लाइमेट एक्शन कार्यशाला’ को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम यंग इंडियंस और उसकी छात्र इकाई यंग इंडियंस युवा की ओर से आयोजित किया गया था। मंत्री ने कहा कि फ्यूचर-5.0 जैसे मंच युवाओं को नेतृत्व, संवाद और समाधान प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करते हैं।
डीएफओ शितांशु पांडेय ने छात्रों की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि मियावाकी वन निर्माण और सामुदायिक तालाब पुनर्जीवन जैसे प्रस्ताव न केवल व्यावहारिक हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी भी हो सकते हैं।
कार्यक्रम को सीआईआई यंग इंडिया के नेशनल क्लाइमेट चेंज प्रमुख और सीपी मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि. के निदेशक अनुज अग्रवाल ने भी संबोधित किया।
दिनभर चले इस आयोजन में विशेषज्ञों की जूरी ने छात्रों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। शहरी तापमान वृद्धि, जल संरक्षण, ई-वेस्ट प्रबंधन जैसे मुद्दों पर छात्रों ने व्यावहारिक समाधान सुझाए। शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों से आए 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया और पर्यावरणीय नेतृत्व की दिशा में ठोस पहल की।
गोमती नगर स्थित सीआईआई में बदलता पर्यावरण विषय पर आयोजित सेंमिनार में बोलते राज्य मंत्री ड