अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर बीमार बेटी को गोद में लेकर बिलखती मां सुनीता।
बख्शी का तालाब। रामसागर मिश्र हास्पिटल की एमरजेंसी में बुधवार को लापरवाही की एक घटना सामने आई है। यहां पर डेढ़ घंटे तक बेटी को गोद में लेकर इलाज के लिए मां बिलखती रही पर उसे न तो बेड मिला न इलाज। दूसरे अस्पताल के लिए एंबुलेंस भी नहीं मिल सकी। आखिरकार पिता रिश्तेदार की बाइक पर बेटी कोमल को राम सागर मिश्र अस्पताल के बाहर लखनऊ-दिल्ली हाईवे तक लाए। इसके बाद वह ई रिक्शा में बीमार बेटी को लेकर किसी निजी अस्पताल के लिए चले गए।
सीतापुर मछरेहटा मिश्रीपुर की सुनीता बुधवार को लगभग 12 बजे बुखार से पीड़ित बेटी को लेकर बीकेटी के राम सागर मिश्र अस्पताल आईं। सुनीता ने बताया कि यहां आकर डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने कोमल में खून की कमी होना बताया। डाॅक्टर ने कहा कि राम सागर मिश्र अस्पताल में खून नहीं मिल सकता है। इसके बाद कोमल को रेफर कर दिया गया। बुखार से पीड़ित बेटी को लेकर सुनीता इमरजेंसी के बाहर पोर्च में बेटी का सिर गोद में लेकर बैठ गई। इसके बाद उसके पति बेटी को रिश्तेदार के वाहन से उसे किसी निजी अस्पताल ले गए।
सीएमएस बोले, लापरवाही की होगी जांच
राम सागर मिश्र अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके शर्मा से जब इस घटना पर जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि जबतक उनको जानकारी हुई, परिजन बेटी को लेकर जा चुके थे। इस लापरवाही की जांच होगी और अगर कोई दोषी है तो उस पर कार्रवाई भी होगी।