डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान।
लखनऊ। मांसपेशी और नसों की मामूली समस्या भी हमारे लिए बड़ी तकलीफ की वजह बन सकती है। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के न्यूरोलॉजी विभाग में इन समस्याओं को झट से पकड़ने के लिए इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी मशीन खरीदी जा रही है। 40 लाख रुपये की इस मशीन के आने के बाद न्यूरो संबंधी समस्याओं को पहचानकर जल्द इलाज करने में आसानी होगी।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विक्रम सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी मशीन मांसपेशी और नसों में विद्युत गति मापने में सक्षम होती हैं। इससे नसों और मांसपेशियों की खराबी का पता लग जाता है। ये मशीन इलेक्ट्रोमायोग्राम (ईएमजी) और नर्व कंडक्शन स्टडी (एनसीएस) करने के काम आती है। ईएमजी में मांसपेशियों में सुई डाली जाती है, जबकि एनसीएस में नसों को हल्का बिजली का झटका दिया जाता है। इसके माध्यम से समस्या का पलक झपकते ही पता चल जाता है। एक बार समस्या पता चलने पर इलाज की रणनीति बनाई जाती है।