भाजपा के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक कहते हैं कि बाबा साहब को लेकर भाजपा कोई राजनीति नहीं कर रही है। प्रदेश सरकार ने एक दलित महापुरुष के अब तक लिखे अशुद्ध नाम को शुद्ध करके लिखने का फैसला किया है। लोगों को इस पर भी एतराज है कि नाम शुद्ध और सही क्यों लिखाया जा रहा है तो राजनीति वह कर रहे हैं, भाजपा नहीं।
भाजपा को 2014 और 2017 में मिली भारी जीत में दलितों की भाजपा के पक्ष में लामबंदी भी एक बड़ा कारण रही थी। जिसका प्रमाण लोकसभा की उत्तर प्रदेश में सुरक्षित सभी 17 सीटों पर और विधानसभा चुनाव में सुरक्षित 86 सीटों में 76 पर मिली जीत है। केंद्र में सरकार बनने के बाद से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दलितों की लामबंदी को लेकर सचेत रहे हैं।
स्टैंडअप योजना से दलित वर्ग के उद्यमियों की बैंक से मदद, डॉ. अंबेडकर से जुड़े स्थानों का विकास, डाक टिकट, सिक्का जारी करना इसका प्रमाण है। डॉ. अंबेडकर के जन्मस्थान मध्यप्रदेश के मुहू में लगभग 110 करोड़ रुपये से संविधान की पुस्तक के आकार का एक स्मारक का निर्माण जिसका इसी 14 अप्रैल को लोकार्पण है। साफ दिखता है कि गोरखपुर व फूलपुर नतीजों ने भाजपा के रणनीतिकारों को सचेतकर दलितों की लामबंदी पर सक्रियता को सचेत किया है।