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आजम खां के बचाव में उतरे अखिलेश, बोले- बदले की भावना से हो रहा उत्पीड़न

Fri, 30 Mar 2018 08:22 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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जल निगम की भर्तियों को लेकर राज्य सरकार के निशाने पर आए आजम खां के समर्थन में शुक्रवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आ गए। उन्होंने सरकार पर बदले की भावना से विपक्ष का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया।

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उन्होंने कहा कि स्वच्छ, ईमानदार व धर्मनिरपेक्ष छवि के वरिष्ठ नेता मो. आजम खां भाजपा के निशाने पर रहते हैं। जल निगम की भर्तियों से उनका कोई लेना देना नहीं होने के बावजूद उनकी छवि बिगाड़ने की साजिशें हो रही हैं। भाजपा का यह आचरण लोकतांत्रिक और राजनीतिक मूल्यों की गिरावट का उदाहरण है।

अखिलेश ने कहा, भाजपा सरकार केंद्र में हो या राज्य में, वह हर मोर्चे पर विफल साबित हुई हैं। समाज का हर वर्ग असंतुष्ट है। सरकार नौकरी तो दे नहीं सकती, उल्टे नौजवानों को बेरोजगार बनाने में आगे है।
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समाजवादी सरकार के समय की भर्तियों पर रोक लगाकर भाजपा ने अपनी विद्वेषपूर्ण मानसिकता का परिचय दिया है। विपक्ष के नेताओं को चुन-चुनकर अपमानित करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा जब से सत्ता में आई है, उसने किसी को रोजगार नहीं दिया।

शिक्षामित्रों, टीईटी प्रशिक्षुओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर खूब जुल्म किया। उनके साथ नाइंसाफी हो रही है। पुलिस भर्ती को रोकने में भी इस सरकार ने कसर नहीं छोड़ी। भाजपा की नीति और नियत में खोट है। उनका एजेण्डा गरीब, नौजवान, अल्पसंख्यक विरोधी है।

सपा अध्यक्ष ने कहा, विपक्षी नेताओं पर झूठे इल्जाम लगाने वाली भाजपा को खुद अपने कारनामें देखने चाहिए। राज्य मंत्रिमण्डल के दो मंत्री खुलेआम भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार बढ़ने की बात कर रहे हैं।

जनता की निगाहों में अब भाजपा सरकार की साख गिर चुकी है। जनता यह सच्चाई जान गई है कि भाजपा के पास करने को कुछ भी नहीं है, लेकिन सच्चाई के आगे भाजपा का झूठ कितने दिन और चलेगा ?

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सीबीएसई पेपर लीक मामले पर भी भड़के

Akhilesh Yadav on Twitter - फोटो : TWITTER
सीबीएसई बोर्ड द्वारा लीक हुए पेपर की दोबारा परीक्षाएं कराने की घोषणा पर अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा कि पेपर दुबारा लेने से पहले सरकार को ये पता करना चाहिए कि पेपर्स कैसे लीक हो रहे हैं और जो लोग ये काम कर रहे हैं, उन्हें गिरफ़्तार कर सज़ा देनी चाहिए न कि लाखों छात्रों को। बच्चों की गर्मियों की छुट्टी क्या बार-बार पेपर देने में जायेंगी। माँ-बाप को भी तो मानसिक शांति मिलनी चाहिए।

गौरतलब है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने पेपर लीक होने के बाद इंटरमीडिएट की अर्थशास्त्र और हाईस्कूल की मैथ की परीक्षा दोबारा कराने की घोषणा की थी। शुक्रवार को बोर्ड ने इंटरमीडिएट की अर्थशास्त्र की परीक्षा 25 अप्रैल को कराने की घोषणा की है। हाईस्कूल की परीक्षा की तिथि अभी तक तय नहीं हो पाई है।
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