शमी के भाई अजहर ने बताया कि शमी बालागंज में टाइल्स की दुकान पर काम करता था। रविवार को उसकी छुट्टी थी। दोपहर करीब दो बजे वो वाटर पार्क जाने की बात कह कर घर से निकल था। साढ़े तीन बजे उनके ताऊ के बेटे सुल्तान के फोन पर किसी ने कॉल कर शमी के नदी में डूबने की सूचना दी।
दरोगा बनना चाहता था हमजा
हमजा के भाई तहा ने बताया कि हमजा ने इसी साल बारहवीं पास किया था और स्नातक में एडमिशन कराया था। हमजा दरोगा बनने का सपना देख रहा था। हमजा के पिता इब्राहिम और मां शकीला बानो की मौत सात साल पहले हो चुकी थी। भाई तहा एक होटल में नौकरी करते हैं। हमजा की पढ़ाई का जिम्मा उन्हीं के कंधों पर था। घर मे भाई यासीन, तल्हा और बहन अल्फिशा हैं।
ठाकुरगंज के समनना गार्डेन निवासी निवासी एजाज, हमजा और शमी रविवार को दोपहर करीब दो एक ही स्कूटी से गोमती नदी में नहाने गए थे। साथ ही कालोनी के रहने वाले आफताब, रहमान और आरिफ भी एक बाइक से गए थे। नहाने के दौरान शमी, एजाज और हमजा गहरे पानी में चले गए थे और उनकी मौत हो गई। साथी रहमान आरिफ और आफताब ने उन्हें बचाने की कोशिश की थी लेकिन सफल नहीं हुए। वहां से भाग कर उन्होंने तीनों युवकों के घर पर सूचना दी थी।