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Lucknow: आंसुओं और सिसकियों के बीच एक साथ उठे तीन दोस्तों के जनाजे, पूरी गली लोगों से भरी, सभी की आंख थी नम

Tue, 20 May 2025 09:15 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ के मड़ियांव घैला पुल के पास गोमती नदी में नहाने गए तीन दोस्तों की डूब कर मौत हो गई। शव जब उनके घर लाए गए तो मजमा लग गया।
 
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शव लाए जाने पर एकत्र हुए लोग। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मड़ियांव घैला पुल के पास नहाने के दौरान गोमती नदी में रविवार को डूबे ठाकुरगंज समनान गार्डेन निवासी एजाज (18), हमजा (18) और शमी (20) के शव पोस्टमार्टम के बाद सोमवार दोपहर उनके घर पहुंचे। शव देखते ही परिजन दहाड़ें मार कर रो पड़े। उनके घरों पर जमा सैकड़ों लोगों की आंख नम हो उठी। शाम को तीनों दोस्तों को कैंपवेल रोड स्थित असियामऊ कब्रिस्तान ले सुपुर्द-ए- खाक कर दिया गया।

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तीनों युवकों के घर आसपास में हैं। सोमवार दोपहर तीनों के जनाजे में शामिल होने के लिए भीड़ धीरे-धीरे बढ़ती गई और सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। जिससे मोहल्ले की गलियों में भारी भीड़ हो गई। दोपहर के तीनों के शव एक साथ घर पहुंचे तो पूरे मोहल्ले में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने परिजनों को संभाला। इसके बाद शाम पांच बजे तीनों को घर के पास के कब्रिस्तान में दफना दिया गया।

बिजली चली जाने पर काम से लौट आया था एजाज
एजाज के पिता रईस ने बताया कि वो फेरी लगा कर बर्तन बेंचते थे। उनके बीमार होने पर एजाज ने पांचवी कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और पीवीसी बैनर का काम करने लगा था। कल सुबह वो काम पर बुद्धेश्वर इलाके में गया था। दोपहर करीब एक बजे वह घर लौट आया और बताया कि बिजली चली गई तो काम बंद हो गया। उसके बाद घर के बाहर गली में बैठ गया था। वहां से कब निकल गया, पता ही नहीं चला।

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वाटर पार्क जाने की बात कह कर घर से निकला था शमी

लोगों का मजमा लग गया। - फोटो : amar ujala
शमी के भाई अजहर ने बताया कि शमी बालागंज में टाइल्स की दुकान पर काम करता था। रविवार को उसकी छुट्टी थी। दोपहर करीब दो बजे वो वाटर पार्क जाने की बात कह कर घर से निकल था। साढ़े तीन बजे उनके ताऊ के बेटे सुल्तान के फोन पर किसी ने कॉल कर शमी के नदी में डूबने की सूचना दी।

दरोगा बनना चाहता था हमजा
हमजा के भाई तहा ने बताया कि हमजा ने इसी साल बारहवीं पास किया था और स्नातक में एडमिशन कराया था। हमजा दरोगा बनने का सपना देख रहा था। हमजा के पिता इब्राहिम और मां शकीला बानो की मौत सात साल पहले हो चुकी थी। भाई तहा एक होटल में नौकरी करते हैं। हमजा की पढ़ाई का जिम्मा उन्हीं के कंधों पर था। घर मे भाई यासीन, तल्हा और बहन अल्फिशा हैं।
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यह है पूरी घटना

शमी, हमजा और एजाज। - फोटो : amar ujala
ठाकुरगंज के समनना गार्डेन निवासी निवासी एजाज, हमजा और शमी रविवार को दोपहर करीब दो एक ही स्कूटी से गोमती नदी में नहाने गए थे। साथ ही कालोनी के रहने वाले आफताब, रहमान और आरिफ भी एक बाइक से गए थे। नहाने के दौरान शमी, एजाज और हमजा गहरे पानी में चले गए थे और उनकी मौत हो गई। साथी रहमान आरिफ और आफताब ने उन्हें बचाने की कोशिश की थी लेकिन सफल नहीं हुए। वहां से भाग कर उन्होंने तीनों युवकों के घर पर सूचना दी थी।
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