मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान में स्वास्थ्य सेवाएं एक नए प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजर रही है। इस प्रतिस्पर्धा में अपने आप को स्थापित करने के लिए सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी पड़ेगी क्योंकि अगर इस क्षेत्र में संवेदना ना हो तो फिर एक चिकित्सक के प्रति आम जनमानस के मन में जो विश्वास है वह विश्वास डगमगाएगा। उस विश्वास को डगमगाने नहीं देना है। उन्होंने कहा कि संस्थान ने 25 वर्ष के शानदार यात्रा के दौरान केवल एक अस्पताल नहीं बल्कि मेडिकल संस्थान के रूप में भी प्रदेश के विकास में योगदान दे रहा है। यहां पर आज सैकड़ों छात्र न केवल यूजीपीजी और सुपर स्पेशलिटी की डिग्री लेने के लिए प्रवेश लेते हैं बल्कि आरोग्यता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में भी कार्य करते हैं। सीएम योगी ने कहा कि आगे भी मेडिकल संस्थान लगातार प्रदेश के विकास और नागरिकों को आरोग्यता के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपना योगदान देता रहेगा, इसके प्रति मेरी मंगलकामनाएं हैं।
इस अवसर पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव, मंत्री जेपीएस राठौर, राज्यसभा सदस्य एवं पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, राज्यसभा सदस्य हिमांशु त्रिवेदी, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, मेयर सुषमा खर्कवाल, डॉ. नीरज बोरा, भाजपा नेता नीरज सिंह आदि उपस्थित थे।