लखनऊ। एचएएल से सीनियर सुपरवाइजर के पद से सेवानिवृत्त चिनहट के आनंद विहार कॉलोनी निवासी कुलदीप राज (73) ने मंगलवार देर रात आत्महत्या कर ली। वे मटियारी स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक के लॉकर से जेवर चोरी होने के कारण गुमसुम थे। बेटे विकास महाजन ने बताया कि 10 दिन पहले पिता कचहरी गए थे। उन्होंने वकील से जेवर दिलाने की बात कही थी। वकील ने जेवर मिलने में समय लगने की जानकारी दी थी।
थाना प्रभारी चिनहट के मुताबिक, कुलदीप राज ने कमरे में फंदा लगाया था। उनके कमरे से सुसाइड नोट मिला है। उन्होंने खुद को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। बेटा विकास ने बताया कि 21 दिसंबर 2024 की रात बैंक के 42 लॉकर काटकर चोरों ने करोड़ों रुपये के जेवर पार कर दिए थे।
इसमें से 57 नंबर लॉकर पिता का था। कुलदीप राज ने करीब 22 लाख रुपये के जेवर लॉकर में रखे थे। वर्ष 2020 में मां का निधन होने से पिता परेशान और बीमार रहते थे।
जेवर मिलने का कर रहे थे इंतजार
कुलदीप राज जेवर मिलने का इंतजार कर रहे थे। लंबे समय से उन्हें जेवर वापस करने का आश्वासन दिया जा रहा था। विकास ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके ससुर का देहांत हो गया था। इस पर वह पत्नी और बच्चों को लेकर दिल्ली गए थे। शनिवार को लौटे, लेकिन पिता से ज्यादा बात नहीं हो पाई थी। कुलदीप राज ने साक्ष्य के तौर पर जेवर के बिल और फोटो भी दिए थे।
अचेत हो गए थे विकास, सिर में लगी चोट
विकास के मुताबिक, मंगलवार रात एचएएल से काम निपटाने के बाद घर लौटे। अंदर जाने पर पिता को फंदे से लटका देखकर वह अचेत हो गए। सिर लोहे के गेट से टकरा गया और वह लहूलुहान हो गए थे। शोर सुनकर पड़ोसी पहुंचे और विकास को अस्पताल ले गए।
पीड़ितों को नहीं मिले जेवर
लॉकर काटकर करोड़ों के जेवर चोरी होने के मामले में अभी तक पीड़ितों को उनका सोना नहीं मिला है। यही नहीं, रकम वापस पाने के लिए भी पीड़ित भागदौड़ कर रहे हैं। पुलिसकर्मियों पर सोना बरामदगी में गड़बड़ी का आरोप भी लगा था। जांच के आदेश दिए गए थे, लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं आ सकी।