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दूल्हे के माफी मांगने पर भी दुल्हन नहीं हुई शादी के लिए तैयार, वजह जानकार आप भी रह जाएंगे हैरान

Wed, 14 Feb 2018 01:26 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ में नगराम के कलंदरखेड़ा में सोमवार रात शराब पीकर हंगामा कर रहे बारातियों को समझाने पहुंचे भाई की पिटाई से नाराज दुल्हन ने शादी तोड़ दी। परिवारीजनों ने दुल्हन को बहुत समझाया लेकिन वह नहीं मानी। रातभर दूल्हा और वर पक्ष के लोग माफी मांगते रहे। मंगलवार सुबह पुलिस भी वधू पक्ष के घर आ गई, लेकिन दुल्हन टस से मस न हुई।
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अंतत: वर पक्ष को आयोजन में खर्च रकम और सामान लौटाकर दुल्हन के बगैर लौटना पड़ा।एसओ संतोष कुमार सिंह ने बताया कि कलंदरखेड़ा गांव निवासी दशरथ की बेटी निशा की शादी उन्नाव के पाठकपुर में रहने वाले शिवप्रसाद के बेटे वीरेंद्र से होनी थी। सोमवार देर शाम वीरेंद्र धूम-धाम और बैंड-बाजे के साथ नाचते-गाते हुए निशा के घर पहुंचा।

बारात जैसे ही निशा के घर के दरवाजे पर पहुंची, शराब पीकर डांस कर रहे युवकों ने हुल्लड़ शुरू कर दिया। इस दौरान अचानक कहीं से एक पत्थर आकर दूल्हे के भाई धर्मेंद्र के सिर पर लगा। धर्मेंद्र को घायल देख नशे में धुत युवक भड़क उठे। उन्होंने घर के दरवाजे पर खड़े लोगों से गाली-गलौज व मारपीट की।
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पुलिस ने की सुलह कराने की कोशिश

up police - फोटो : अमर उजाला
कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया और वर-वधू पक्ष आपस में भिड़ गए। किसी तरह से दोनों परिवार के लोगों को समझाकर शांत कराकर द्वाराचार की रस्म शुरू कराई गई। हालांकि, रस्म के दौरान ही दोनों पक्ष में फिर से तनातनी हो गई। गाली-गलौज होने पर दुल्हन के भाई सुरेश ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो नशे में धुत युवकों ने उन्हें पीट दिया।

भाई की पिटाई का पता चलते ही निशा ने शादी से इन्कार कर दिया। उसकी घोषणा सुनते ही परिवारीजन और वर पक्ष के लोग सन्न रह गए। निशा को उसके माता-पिता व भाई ने काफी समझाया लेकिन वह नहीं मानी। इस बीच किसी ने शादी में मारपीट की सूचना पुलिस को दे दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने भी दोनों परिवारों को मिल बैठकर सुलह कराने की कोशिश की। हालांकि, निशा किसी भी तरह से शादी के लिए तैयार नहीं हुई। रातभर उसे मनाने की कोशिशें चलती रहीं। मंगलवार सुबह तक निशा अपने फैसले पर टिकी रही। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्ष में शादी तोड़ने का समझौता करा दिया गया। शादी के आयोजन पर खर्च रकम और सामान लौटाने के बाद शिवप्रसाद बरात लेकर लौट गए। एसओ ने बताया कि शिवप्रसाद ने निशा के पिता को 80 हजार रुपये दिए।
 
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