एलयू 17 फरवरी को एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनेगा, जब बॉलीवुड के जाने-माने निर्माता-निर्देशक पीएचडी वाइवा में शामिल होंगे। अंग्रेजी विभाग की छात्रा सुरभि मोदी ने विशाल भारद्वाज की तीन फिल्मों मकबूल, ओमकारा और हैदर पर शोध किया है। ये तीनों फिल्में शेक्सपीयर की रचनाओं पर आधारित हैं।
सुरभि ने बताया कि बचपन से ही फिल्में देखने का शौक है। यही वजह है कि पीएचडी के लिए फिल्मों को ही विषय चुना। अंग्रेजी साहित्य में शोध का विषय शेक्सपियर से बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता और जिन रचनाओं को मैंने चुना, उन तीनों पर विशाल भारद्वाज ने फिल्में बनाई हैं। इससे राह और आसान हो गई।
सुरभि का साक्षात्कार 17 फरवरी को है। सुरभि ने अपना शोधकार्य प्रो. मीनाक्षी पाहवा के दिशा-निर्देशन मेें पूरा किया है। उनकी पीएचडी का शीर्षक- ‘शैडोज इन द मिरर अ सलेक्टेड सेमोटिक स्टडी ऑफ इंडियन सिनेमेटिक रिप्रेजेंटेशन ऑफ शेक्सपियर्स प्लेज’ है।
सुरभि कहती हैं कि शेक्सपियर के नाटक व विशाल भारद्वाज की फिल्मों की तुलना करने पर वह इस निष्कर्ष पर पहुंचीं कि फिल्मों में महिला चरित्रों को ज्यादा तरजीह दी गई है। जबकि नाटकों में सभी चरित्र प्रधान हैं। सुरभि खुद को नारीवादी (फेमिनिस्ट) कहलाया जाना पसंद करती हैं। कहती हैं कि इसके बाद में शोधार्थी और फिर अंत में फिल्म समीक्षक हूं।