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Lucknow News: घर से घूमने निकले दो नाबालिग दोस्तों के शव सई नदी में मिले, घरवालों ने जताई हत्या की आशंका

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घटना के बाद रोते बिलखते परिजन।
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मोहनलालगंज। उन्नाव के असोहा जबरेला गांव निवासी दो किशोर आदर्श उर्फ रौनक (15) और शिवा (15) के शव बृहस्पतिवार सुबह मोहनलालगंज इलाके में सई नदी में उतराते मिले। दोनों दोस्त बुधवार सुबह घर से निकले थे। परिजनों ने हत्या कर शवों को नदी में फेंके जाने की आशंका जताई है।
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इंस्पेक्टर मोहनलालगंज दिलेश कुमार सिंह ने बताया कि दोनों दोस्त बुधवार सुबह साढ़े दस बजे घर से निकले थे। शाम तक दोनों घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन दोनों का पता नहीं चल सका। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे गांव से कुछ दूरी पर मोहनलालगंज स्थित सई नदी किनारे कुछ लोग शौच के लिए पहुंचे तो नदी के किनारे दोनों के किशोरों के कपड़े देखे। नदी में दोनों के शव उतरा रहे थे। सूचना मिलते ही परिजन व मोहनलालगंज पुलिस भी पहुंच गई। आदर्श के परिवार में पिता गोविंद प्रसाद लोधी, मां प्रेमा देवी और तीन बहनें लक्ष्मी, शिल्पी और काजल हैं। वहीं शिवा के परिवार में पिता लाला साहू, बहन निधी व भाई आरुष है। मां विनीता की मौत आठ माह पहले बीमारी से हो गई थी।

बहाव के विपरीत शव मिलने से गहराई आशंका
आदर्श की बहन लक्ष्मी व मां प्रेमा देवी का आरोप है कि आदर्श व शिवा की हत्या कर शवों को नदी में फेंक दिया गया। आदर्श के चाचा विजय का कहना है कि दोनों किशोरों के शव बहाव के विपरीत मिले हैं, जो मुमकिन नहीं है। किसी ने दोनों को न तो डूबते देखा और न किसी ने कोई शोर सुना। एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत का कारण पता चल सकेगा।
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मंगलवार को पुणे से लौटा था आदर्श

आदर्श दो माह पहले चाचा सोनू के पास पुणे गया था। मंगलवार रात को ही वह लौटा था। बुधवार सुबह दोस्त शिवा से मिलने गया था। दोनों साथ गांव में लोगों से मिलने निकले थे। दोनों दोस्त साथ ही 9वीं कक्षा तक पढ़े थे।

पापा लौटकर खाना खाऊंगा
किशोर शिवा की मां विनीता की मौत के बाद पिता लाला पर ही बच्चों की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी है। बुधवार सुबह उन्होंने खाना बनाया और बेटे शिवा से खाना खाने के लिए कहा, पर उसने लौटकर खाना खाने की बात कही और दोस्त आदर्श के साथ चला गया। बृहस्पतिवार सुबह बेटे की मौत की खबर मिली तो लाला साहू बेसुध हो गए।

तीन बहनों में इकलौता था आदर्श

आदर्श उर्फ रौनक तीन बहनों में सबसे छोटा व इकलौता भाई था। इसके कारण वह सभी का दुलारा था। लोगों का कहना है कि बहुत मन्नतों के बाद आदर्श पैदा हुआ था। बृहस्पतिवार सुबह जब आदर्श की मौत की खबर घरवालों को मिली तो परिवार में कोहराम मच गया।
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