लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान गोमतीनगर में मुंशी प्रेमचंद की कहानी कफन का मंचन किया गया। नाटक में भूख और बेबसी का मार्मिक सच देखकर दर्शकों का दिल भर आया। झोपड़ी में प्रसव पीड़ा से कराहती माधव की पत्नी की मौत ने सभी की आंखें नम कर दीं। यह आयोजन कशिश आर्ट्स एंड वेलफेयर सोसाइटी की ओर से कराया गया। इसमें भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली का भी सहयोग रहा।
नाटक में दिखाया गया कि कैसे मदद नहीं मिलने से एक महिला की मौत हो जाती है। मंचन में बहू की भूमिका शीलू मलिक, घीसू के रूप में विपिन और कन्हैया की भूमिका राम नरेश ने निभाई। विपिन कुमार ने निर्देशन किया।