लखनऊ। आरटीई में चयन होने के बाद भी निजी स्कूलों की मनमानी से परेशान होकर प्रवेश से किनारा करने वाले 3,637 बच्चों के अभिभावकों से शिक्षा विभाग दोबारा संपर्क करेगा। इस संबंध में मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बुधवार को बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर बीएसए को आदेश दिए हैं।
वहीं, बीएसए राम प्रवेश ने आरटीई के तहत हुए प्रवेश का ब्योरा भी सौंपा है। इस दौरान बीएसए ने अपनी रिपोर्ट में एमआर जयपुरिया गोमती नगर, विश्वनाथ एकेडमी और बाल गाइड स्कूल का नाम भी दिया है। बीएसए के मुताबिक अभी तक इन तीन स्कूलों ने एक भी बच्चे का प्रवेश नहीं लिया है।
इस बार आरटीई के तहत 18093 बच्चों का चयन हुआ है। इसमें 12,600 बच्चों का प्रवेश लिया गया है। इसमें 12125 बच्चों का डाटा पोर्टल पर चढ़ चुका है। शेष 2341 बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया निजी स्कूलों की मनमानी के चलते चुनौती बनी हुई है। बैठक में जेडी माध्यमिक डॉ. प्रदीप कुमार, डीआईओएस राकेश कुमार, एडी बेसिक श्याम किशोर तिवारी भी मौजूद रहे
परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के बनेंगे आधार कार्ड
सत्र 2025-26 के पहले चरण में परिषदीय विद्यालय में नामांकन की स्थिति की समीक्षा हुई। इस बार कक्षा एक से कक्षा आठ तक कुल विद्यार्थी 135,902 है। इसमें कई बच्चे ऐसे हैं, जिनके आधार कार्ड नहीं बने हैं। इनके आधार कार्ड बनवाने के लिए बीईओ की जिम्मेदारी तय की गई है। इसके साथ ही डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि सभी अभिभावकों के खाते में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
27 माध्यमिक विद्यालयों में लगे सोलर पैनल
माध्यमिक शिक्षा विभाग की समीक्षा उन 27 माध्यमिक विद्यालयों की व्यवस्था को भी देखा गया जहां सोलर पैनल लग चुके हैं। इस पर मंडलायुक्त ने कहा करियर गाइडलाइंस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालयों में करियर मेला का आयोजन स्कूल खुलते ही शुरू किए जाएं।