स्कूलों में बोर्ड परीक्षा के पहले भाग की परीक्षा जहां कराई जा रही है, वहीं यूपी बोर्ड के स्कूलों का शैक्षणिक कैलेंडर खिसकता जा रहा है। बार-बार छात्रों के पंजीकरण और बोर्ड के लिए आवेदन की प्रक्रिया का विस्तार किए जाने से स्कूलों का शैक्षणिक कैलेंडर गड़बड़ाता जा रहा है। प्रयोगात्मक परीक्षा और प्री बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराने के बजाय स्कूल बोर्ड द्वारा नया शिड्यूल तय किए जाने का इंतजार कर रहे हैं।
वर्तमान में सीबीएसई और सीआईएससीई द्वारा कक्षा 10 और 12 के पहले टर्म की बोर्ड परीक्षा कराई जा रही है। यहां तक कि सीबीएसई के स्कूलों ने कक्षा 12 के छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षा तक करा ली है। जबकि यूपी बोर्ड के स्कूलों का शैक्षणिक कैलेंडर पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। सीबीएसई और सीआईएससीई ने छात्रों के पंजीकरण और बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया पहली टर्म परीक्षा से पहले ही पूरी कर ली है। जबकि यूपी बोर्ड ने इस प्रक्रिया को 15 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। जबकि हालात यह है कि स्कूलों में अब एक भी छात्र न तो पंजीकरण के लिए आ रहे हैं और न ही बोर्ड परीक्षा के आवेदन के लिए।
प्रयोगात्मक और प्री बोर्ड परीक्षा खिसकेगी
बोर्ड द्वारा प्रयोगात्मक परीक्षा 15 दिसंबर से 15 जनवरी तक करानी है, लेकिन जो शैक्षणिक कैलेंडर बिगड़ा है उसमें यह संभावना नहीं दिखती। परीक्षा की तैयारियां करने के बजाय स्कूल बोर्ड के नए निर्देर्र्शों का इंतजार कर रहे हैं। स्कूलों में अर्द्घवार्षिक परीक्षा खत्म हो गई है, बचा हुआ सिलेबस पुरा कराने के दौरान 15 जनवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षाएं समाप्त करनी थी। ताकि पहली प्री बोर्ड परीक्षा जनवरी और दूसरी फरवरी के पहले सप्ताह में खत्म करा ली जाए।
स्कूलों की मानें तो शैक्षणिक कैलेंडर करीब एक महीना आगे खिसकता दिखाई दे रहा है। शिक्षकों ने बताया कि प्रयोगात्मक परीक्षा की तैयारी को लेकर अभी तक कोई दिशा-निर्देश नहीं आए हैं। राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य धीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि पूर्व में बोर्ड की तरफ से जो शिड्यूल आया था उससे हम काफी पीछे चल रहे हैं। हम सभी स्कूल नए दिशा-निर्देश का इंतजा कर रहे हैं।