उत्तर प्रदेश में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा प्रस्तावित रैलियों में गड़बड़ी की आशंका जताई गई है।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने यह आशंका रैलियों में आने वाली वीआईपी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर जताई है।
खुफिया एजेंसियों के इनपुट के बाद से ही राज्य सरकार ने विभिन्न रैलियों के दौरान कड़े सुरक्षा इंतजाम की कवायद शुरू कर दी है।
प्रदेश में विभिन्न दलों की रैलियों के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम का दावा करते हुए आईजी एसटीएफ आशीष गुप्ता ने कहा कि सभी जगह आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
रैली के कार्यक्रम से कम से कम तीन दिन पहले ही सभा स्थल को सुरक्षा कर्मियों के घेरे में लिया जा रहा है। गुप्ता बुधवार को एनेक्सी के मीडिया सेंटर में सरकार की तैयारियों का जिक्र कर रहे थे।
आईजी ने माना कि बहराइच में मोदी की रैली को लेकर आईबी ने खास इनपुट दिया है। ऐसे कार्यक्रमों पर केंद्रीय व राज्य की खुफिया एजेंसियां अपने-अपने इनपुट देती हैं। उन्होंने कहा, आईबी ने भी अपना इनपुट भेजा है पर वह इसके बारे में कोई सूचना नहीं दे सकते।
सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ अरसे के दौरान आतंकी संगठनों के ओहदेदारों की धरपकड़ से बौखलाए आतंकियों द्वारा जवाब देने की तर्ज पर कार्रवाई की जा सकती है।
आईबी ने जानकारी दी है कि आतंकी सुरक्षाकर्मियों की वेशभूषा का प्रयोग कर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं। लिहाजा, कार्यक्रम स्थल के इर्द-गिर्द सुरक्षा कवच बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
आईजी ने कहा कि सभी जगहों पर एंटी माइनिंग, बम डिस्पोजल यूनिट व अन्य सुरक्षा उपकरणों से जांच का काम हो रहा है।
सूत्रों के मुताबिक रैलियों में वीआईपी हस्तियों के सुरक्षा प्रबंधों को लेकर आईबी राज्य की सुरक्षा एजेंसियों से लगातार संपर्क में रहेगी। साथ ही एजेंसी के सदस्य ऐसे सभी कार्यक्रमों पर सीधी निगाह रखने के लिए मौके पर भी मौजूद रहेंगे।