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पेंशन पर बाबुओं से उकताया शिक्षक, लगाई आग

Thu, 31 Oct 2013 10:38 AM IST
सचिन त्रिपाठी/लखनऊ
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पेंशन के लिए रिटायर शिक्षक को बाबुओं ने इतना मजबूर किया कि उन्होंने खुद को आग के हवाले कर दिया।
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यह घटना बुधवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में घटी। चार महीने पहले रिटायर होने के बाद से शिक्षक पेंशन शुरू करने के लिए दौड़ाया जा रहा था।

बुधवार को शिक्षा भवन में ही शिक्षक ने अपने शरीर पर केरोसिन छिड़क कर खुद को आग लगा ली। लेखाधिकारी के कमरे में ही यह नजारा देखकर वहां भगदड़ मच गई।

आग से बुरी तरह झुलसे शिक्षक को वहीं के कर्मचारियों ने बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया।

शिक्षक का आरोप है कि पेंशन शुरू करने के लिए उससे रिश्वत मांगी जा रही थी। रिश्वत न देने की वजह से ही उन्हें परेशान किया जा रहा था।

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वहीं वित्त एवं लेखाधिकारी शिक्षक की पेंशन संबंधी फाइल पहले ही कोषागार को भेजने की बात कह रहे हैं।

घटना बुधवार शाम करीब पौने पांच बजे की है। वित्त एवं लेखाधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी के कक्ष में शिक्षक के आत्मदाह करने की खबर से अफरा-तफरी मच गई।

उसके बारे में मालूम किया गया तो पता चला कि सैयद मसूद हसन रिजवी पूर्व माध्यमिक विद्यालय मड़ियांव से 30 जून को रिटायर हुए थे।

शासनादेश के अनुसार इस बार सभी शिक्षकों फंड का भुगतान रिटारयमेंट के दिन ही कर दिया गया था। शिक्षकों की पेंशन भी जल्द चालू करने के निर्देश दिए गए थे।

शिक्षकों की पेंशन ऑनलाइन करने की बात कही गई थी। इसके बावजूद सैयद हसन रिजवी की पेंशन चालू नहीं हो पाई थी।

अपनी पेंशन चालू कराने की मांग को लेकर शिक्षक आए दिन शिक्षा भवन के चक्कर लगाते रहते थे। बुधवार को भी वो अपनी पेंशन शुरू कराने के लिए आए थे।

वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी जेब से केरोसिन की शीशी अपने ऊपर उड़ेली और खुद को आग लगा ली।

शिक्षक द्वारा आग लगाने की खबर के बाद पूरे शिक्षा भवन में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने किसी तरह आग बुझाई और मोटरसाइकिल से ही लादकर तुरंत बलरामपुर अस्पताल पहुंच गए।

इस घटना की खबर पुलिस को दी गई। करीब 20 मिनट बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कक्ष का मुआयना किया। बलरामपुर अस्पताल में शिक्षक को भर्ती कर लिया गया है।

खुद को आग लगाने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक सैयद मसूद हसन रिजवी का आरोप है कि वित्त एंव लेखाधिकारी के साथ कई जगह पेंशन चालू करने के लिए उनसे लगातार पैसे मांग रहे थे।
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इसी से तंग आकर उन्होंने ये कदम उठा लिया। वहीं वित्त एवं लेखाधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी का कहना है कि शिक्षक की पेंशन संबंधी फाइल 26 सितंबर 2013 को अपर निदेशक कोषागार को भेजी जा चुकी है। पैसे मांगने का आरोप गलत है।

बुरी तरह झुलस गया है शरीर का बायां भाग
सेवानिवृत्त शिक्षक सैयद मसूद हसन रिजवी के शरीर का बायां भाग बुरी तरह झुलस गया है। आग की चपेट में उनका गला, पेट, छाती और हाथ जल गया है।

अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करके उनका इलाज किया जा रहा है। इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद लेखाधिकारी अस्पताल नहीं पहुंचे। जलन से कराहते सैयद मसूद हसन रिजवी का डॉक्टरों की टीम इलाज करने में जुटी हुई थी।

वित्त एवं लेखाधिकारी पर पहले भी लगे हैं कई आरोप
सेवानिवृत्त शिक्षक द्वारा आग लगाने की घटना के बाद शिक्षा भवन में अपने काम के लिए शिक्षा भवन आए शिक्षक और कर्मचारियों में कानाफूसी होती रही।

सबका कहना था कि पेंशन और फंड के नाम पर लोगों को काफी परेशान किया जाता है। घटना के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों में काफी आक्रोश था।

शिक्षक द्वारा आग लगाने की घटना के बाद शिक्षा विभाग के सभी कर्मचारी एक सुर में वित्त एवं लेखाधिकारी के खिलाफ लामबंद हो गए।

कर्मचारियों का कहना था कि एरियर मिलने के समय भी वित्त एवं लेखाधिकारी ने काफी लंबे समय तक सबका पैसा लटका रखा था।

कई लोगों से उसने बाकायदा वसूली की उसके बाद ही पैसा जारी किया। इसी तरह जीपीएफ से भी पैसा निकालने के समय भी वित्त लेखाधिकारी पर वसूली के आरोप लगाए जाते रहे हैं।
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शिक्षा भवन के कर्मचारी वीरेंद्र तिवारी ने भी वित्त एवं लेखाधिकारी पर पैसे उगाही करने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार उनको वरिष्ठ लिपिक से प्रधान लिपिक बनाने के समय भी उनसे 10 हजार रुपए की मांग की गई थी।

इस मामले की शिकायत उन्होंने शिक्षा अधिकारियों ओर शिक्षा मंत्री से भी की थी। इकसे बावजूद वित्त एवं लेखाधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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