प्रदेश सरकार ने किरायेदारी कानून को लागू करने की कवायद तेज कर दी है। आवास विभाग ने प्रस्तावित कानून का प्रारूप तैयार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक इस कानून को 11 जनवरी से पहले ही लागू किया जाना है। इसी कड़ी में आवास विभाग ने मंगलवार को किराएदारी कानून के प्रारूप का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष प्रेजेंटेशन दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने कानून को केंद्रीय मॉडल के अनुरूप बनाने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि कानून में मकान मालिक और किराएदार दोनों के हितों का ध्यान रखा जाए। अध्यादेश लाने से पहले प्रस्तावित कानून और केंद्रीय कानून का बारीकी से अध्ययन कर लिया जाए और इसी आधार पर कानून को अंतिम रूप दिया जाए, ताकि बाद में कोई दिक्कत न आने पाए। उल्लेखनीय है कि किरायेदारी को लेकर अक्सर मकान मालिक और किरायेदार के बीच होेने वाला विवादों से निजात दिलाने और दोनों के हितों को सुरक्षित करने के लिए सरकार ‘किरायेदारी विनियमन अध्यादेश’ लाने जा रही है। इस अध्यादेश के लागू होने के बाद अब मकान मालिक जहां बिना अनुबंध के किरायेदार नहीं रख पाएंगे, वहीं किरायेदार रखने से पहले इसकी सूचना किराया प्राधिकरण को देना अनिवार्य होगा।