पहाड़ों पर हुई बर्फवारी का असर मैदानों तक दिख रहा है। शीतलहरी का और अधिक प्रकोप झेलने के लिए तैयार रहिए। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए शीतलहरी बढ़ने की चेतावनी दी है। शीतलहर से बुधवार को लखनऊ का न्यूनतम तापमान भी घट गया। यह 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं देर रात ये तापमान 2 डिग्री तक पहुंच गया।
जबकि दिन का अधिकतम तापमान भी गिरा और यह 19.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। रात होते-होते शीतलहरी का असर बढ़ने लगा।
दरअसल जम्मू-कश्मीर से लेकर शिमला, उतराखंड में पहाड़ों पर बर्फबारी से राजधानी में पारा गोते लगाने लगा है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता कहते हैं कि पहाड़ों पर बर्फबारी व उत्तर पश्चिमी हवाओं के कारण राजधानी में गलन बढ़ रही है। आने वाले दिनों में शीतलहरी का प्रकोप भी बढ़ेगा। विभाग की ओर से चेतावनी जारी की गई है।
वहीं बुधवार को सुबह से ही मखमली धूप खिलने से शहरवासी छतों, पार्कों व चौराहों पर नजर आने लगे। धूप का लुत्फ उठाने के लिए चिड़ियाघर में जानवर भी बाड़ों से बाहर निकले। धूप के साथ-साथ शीतलहरी से लोगों को ठंड का एहसास होता रहा।
वहीं देर रात तक शीतलहरी का प्रकोप बढ़ गया। दरअसल, जम्मू-कश्मीर से लेकर शिमला, उत्तराखण्ड में पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी से राजधानी में न्यूनतम तापमान गोते लगाने लगा है। न्यूनतम ही नहीं, अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज हो रही है।
साथ ही शीतलहरी भी बढ़ रही है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो शीतलहरी का प्रकोप आने वाले दिनों में बढ़ेगा और तापमान भी गोते लगाएगा। जिसे लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी भी जारी कर दी है।
राजधानी में बढ़ रही गलन की वजह एक ओर जहां पहाड़ों पर हुई बर्फबारी है। वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते शीतलहरी बढ़ने से गलन बढ़ी है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष देखभाल की जरूरत है।