फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ के पास छात्रा से तीन घंटे दरिंदगी, मौत

Mon, 18 Aug 2014 06:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फैजाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश के फैजाबाद के अमानीगंज इलाके में किशोरी की अगवा करने के बाद हुई हत्या से सनसनी फैल गई, हालांकि आरोपी की पहचान कर उसे हिरासत में ले लिया गया है।
विज्ञापन


लोगों में आक्रोश है, जिसे गरमाने में सियासी दल भी पीछे नहीं हैं। अमानीगंज बाजार रविवार को पूरी तरह बंद रहा।

तनाव के मद्देनजर पुलिस-पीएसी के साथ एडीएम सिटी व एसपी ग्रामीण ने मौके पर मार्च किया। इस बीच भाजपा सांसद लल्लू सिंह ने भी जाकर सियासत गरमाई, हालांकि अधिकारियों ने उन्हें समझाकर वापस कर दिया।

ये है पूरी घटना

शनिवार शाम फैजाबाद के खंडासा थाना क्षेत्र के अमानीगंज बाजार से 17 वर्षीय छात्रा को अगवाकर लखनऊ हाईवे पर उसके साथ तीन घंटे दरिंदगी की गई।

इसके बाद बाराबंकी के सफदरगंज के पास छात्रा को मरणासन्न हालत में फेंककर उस पर कार चढ़ाने की कोशिश की गई। इस बीच पुलिस की नजर पड़ी तो दरिंदे वहां से भाग निकले। आननफानन में छात्रा को लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

इससे पहले रविवार सुबह युवती ने आरोपी मोबाइल विक्रेता नदीम का नाम बता दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद कर लिया है। घटना से इलाके में आक्रोश व्याप्त है। डॉक्टरों ने छात्रा से दुष्कर्म की आशंका जताई है।

मरणासन्न हालत में फेंक कर चले गए

खंडासा थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी इंटर पास 17 वर्षीय छात्रा शनिवार शाम 7:30 बजे पैदल अमानीगंज बाजार समोसा खरीदने जा रही थी। उसके साथ भाई की पांच वर्षीय पुत्री भी थी। लौटते समय बोलेरो सवार युवकों ने उसे लबे रोड बाजार से ही उठा लिया।

मासूम ने घर वालों को घटना की जानकारी दी तो तलाश शुरू हुई। इस बीच तीन घंटे तक छात्रा के साथ बोलेरो सवार युवकों ने लखनऊ हाईवे पर दरिंदगी की।

बाद में उसे मरणासन्न हालत में बाराबंकी जिले के सफदरगंज में हाईवे पर फेंक दिया। मामले में छात्रा के भाई की ओर से खंडासा थाने में अपहरण, जान से मारने की धमकी, 7 सीएलए आदि में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

किशोरी की जान पहचान थी आरोपी से

रिपोर्ट में कहा गया है कि नदीम ने रात 8 बजे उसकी मासूम बेटी को धमकी देकर बहन को जबरदस्ती बोलेरो में उठा लिया और रुदौली की तरफ भाग गया। बाजार में खोजबीन करने पर लोगों ने बोलेरो का नंबर व नदीम की पुष्टि की। नदीम की कस्बे में मोबाइल की दुकान है। उसके साथ दो-तीन लोग अज्ञात थे।

अभी तलाश चल ही रही थी कि रात ग्यारह बजे सफदरगंज के इंस्पेक्टर का फोन मां ने उठाया। कहा गया कि उनकी बेटी सड़क पर गंभीर रूप से घायल मिली है, बाराबंकी अस्पताल में आ जाएं। एसएसपी केबी सिंह ने कहा कि अपहृत लड़की की युवक नदीम से जान पहचान थी मोबाइल कॉल डिलेट से भी दोनों के घंटों बातचीत सामने आई, घटना के दिन भी दोनों की बातें हुई थीं।

बाद में प्रेसवार्ता में एसपी सिटी आरएस गौतम ने कहा कि घटना की सूचना घरवालों ने दूसरे दिन दी। इसके बाद थानाध्यक्ष मवई, पटरंगा, कुमारगंज, रौनाही, खंडासा व क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर की टीम बनाकर एसपी ग्रामीण पीयुष रंजन के नेतृत्व में लगाया गया। टीम ने दोपहर 2:10 बजे खंडासा थानाक्षेत्र के डीली सरैया के पास नदीम को गिरफ्तार कर लिया।

जुर्म का किया इकबाल

एसपी सिटी के मुताबिक आरोपी नदीम ने जुर्म का इकबाल किया है। उसने बताया कि छात्रा से काफी दिनों से संपर्क में था। उसको बुलाकर लखनऊ ले जाने का प्रयास कर रहा था।


वह जाने को तैयारी नहीं हो रही थी तो ग्राम बघौर थाना सफदरगंज के पास डंडे से मारापीटा व गले में दुपट्टे से कस दिया। मरा हुआ जानकर सड़क पर फेंक अपनी गाड़ी लेकर चला आया।

आरोपी की निशानदेही पर बोलेरो गाड़ी और उसमें से मृतका का दुपट्टा बरामद हुआ है। एसपी सिटी ने बताया कि शनिवार की रात साढ़े ग्यारह बजे ट्रामा सेंटर लखनऊ में पीड़ित को भर्ती कराया गया, जहां रविवार को प्रात: 8 बजे उसकी मृत्यु हो गई।

मृतका का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल से केजीएमसी लखनऊ में कराया गया है।

गाड़ी से की कुचलने की कोशिश

पीड़िता के पूरे शरीर पर चोटें थीं, बताया जाता है कि उसे बोलेरो से कुचलने का भी प्रयास किया गया।

चिकित्सा विश्वविद्यालय के पांच डॉक्टरों के पैनल ने रविवार शाम मृतका के शव का पोस्टमार्टम किया। पूरे शरीर पर पिटाई की चोटों के निशान थे। गर्दन की हड्डी और बाएं तरफ की दो पसलियों समेत सीने की छह हड्डियां टूटी थी।

सिर पर चोट, मुंह दबाने और अंगों को नोचने के निशान थे। बेदर्दी से पिटाई और लीवर फटने से लगातार खून बहना उसकी मौत की वजह बना।

डॉक्टरों ने दुष्कर्म की आशंका जताई। इस पर स्लाइड तैयार करके परीक्षण के लिए सुरक्षित कर ली गई है।

चोट के निशान दे रहे दरिंदों से संघर्ष की गवाही

जन्म के तीन माह बाद ही पिता की साया उठ गया, अब इंटर पास करके बीएससी करने जा रही 17 वर्षीय छात्रा के साथ तीन घंटे में जो कुछ हुआ, इसकी गवाही दरिंदगी के निशान बयां कर रहे हैं। किशोरी ने दरिंदों से कितना संघर्ष किया होगा, इसे बताते हुए उसके मामा फफक पड़ते हैं।

भाई की आंखों में आक्रोश है। बोला, पुलिस को पहले ही सतर्क करते तो शायद दीदी बच जातीं। लेकिन उसने रात में पुलिस को बताया। घर वालों ने मामले में दुराचार की आशंका जताते हुए फोरेसिंक व डीएनए जांच की भी मांग की है।

लखनऊ में पोस्टमार्टम से पहले मर्चरी में रखे बेटी का शव देख हर कोई कांप जा रहा था। दरिदों की करतूत देख मां बेहोश हो जा रही थी। मामा ने बताया कि बर्बर तरीके से बिटिया को नोंचा-खसोटा गया है।

कहा कि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर व रुदौली के सीओ ने मौत गला कसने से बताई है, लेकिन बेटी के गले पर धारदार हथियार से रेतने के निशान हैं। बहुत बुरी तरह मारा गया है।
विज्ञापन

बोली मां, दरिंदों को सरेआम दो फांसी

किशोरी की मां का कहना है कि समोसा लाने बेटी शनिवार शाम साढ़े सात बजे घर से निकली थी। उसके साथ भाई की लड़की भी थी। करीब 200 मीटर दूर रास्ते में बोलेरो सवार युवकों ने उसे उठा लिया।

भाई की लड़की ने घर आकर वारदात की जानकारी दी तो, परिवारीजन मौके पर पहुंचे, लोगों ने गाड़ी की नंबर भी दिया, बाजार में मोबाइल की दुकान चलाने वाले नदीम को पहचाना भी।

अभी हम लोग ढूंढ ही रहे थे कि रात में 11 बजे दरोगा जी का फोन आया, बोले हम सफदरगंज के इंस्पेक्टर हैं। आपकी बेटी सड़क पर घायलावस्था में मिली है। बाराबंकी अस्पताल ले जा रहे हैं, जल्दी आ जाइए।

लेकिन बाराबंकी आए तो पता चला लखनऊ केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर जाइए। वहां भी बेटी को जिंदा देखना नसीब नहीं हुआ। कातिलों को पकड़कर सरेआम फांसी होनी चाहिए, ताकि दरिंदे खौफ खाएं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें