राज्य सरकार अब परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई का तरीका बदलने जा रही है। प्रति घंटा विषयवार बच्चों की पढ़ाई कराई जाएगी। शिक्षक बच्चों को रट्टामार पढ़ाई नहीं कराएंगे। उन्हें रोचक तरीके से शिक्षा दी जाएगी।
इसके लिए शिक्षकों को अलग-अलग जिम्मेदारियां निभानी होंगी। बच्चों की सुविधा के लिए स्कूल का समय भी बदला जाएगा। सरकार चाहती है कि परिषदीय स्कूलों का तरीका बदले ताकि अभिभावक बच्चों को यहां भेजने के लिए प्रेरित हों।
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। इस पर मंथन चल रहा है। नई व्यवस्था जल्द ही लागू करने की तैयारी है।
प्रदेश में 1,13,627 प्राइमरी स्कूलों में 2.61 करोड़ तथा 45,749 उच्च प्राइमरी स्कूलों में 92.15 लाख बच्चे पढ़ते हैं। इनमें शिक्षक बच्चों को रट्टामार कर पढ़वाते हैं। इसलिए बच्चे चिल्लाने पर अधिक और पढ़ाई पर कम ध्यान देते हैं।