लखनऊ। धर्मांतरण के प्रयास मामले में हो रहे धरना-प्रदर्शन और पुतला फूंके जाने के बाद केजीएमयू शिक्षक संघ कुलपति के पक्ष में उतर आया है। केजीएमयू में बुधवार को शिक्षक संघ की आपात बैठक हुई, जिसमें धरना-प्रदर्शन और कुलपति का पुतला फूंकने को राजनीति से प्रेरित और छवि धूमिल करने वाला बताया गया।
केजीएमयू शिक्षक संघ के महासचिव प्रो. संतोष कुमार ने बताया कि पैथोलॉजी विभाग में घटी घटना के बाद केजीएमयू प्रशासन ने तुरंत विशाखा समिति से जांच कराकर रिपोर्ट महिला आयोग और शासन को भेज दी थी। मुख्यमंत्री ने खुद ही पीड़िता से बात की है। केजीएमयू प्रशासन ने आरोपी को निलंबित कर उसके परिसर में प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी है। जाहिर है कि केजीएमयू प्रशासन ने इस मामले में तुरंत प्रभावी कदम उठाए।
इसके बाद एनएमओ आदि संगठनों की ओर से समिति पर सवाल उठाए जाने पर उसमें बदलाव भी किया गया। अब समिति में महिला के साथ ही एक सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक भी शामिल हैं। जांच में साक्ष्य मंगाने के लिए एक ईमेल आईडी भी जारी की गई है। एनएमओ की ओर से इस मामले में कोई सामग्री प्रस्तुत नहीं की गई है। वहीं, एक संगठन ने मंगलवार को लुलु मॉल के बाहर कुलपति का पुतला फूंका। इसकी अनुमति भी नहीं ली गई। यह कृत्य गैरकानूनी, अनुचित और निंदनीय है।