लखनऊ। दारुल उलूम नदवतुल उलमा के प्रमुख मौलाना सैयद बिलाल अब्दुल हई हसनी नदवी ने कहा कि मदरसों के शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे छात्रों में ईमान की ताकत और अखलाक (अच्छा आचरण) का जज्बा पैदा करें। उन्होंने कहा कि बेहतर अखलाक और बर्ताव से दिलों को जीतने वाला बना जा सकता है।
वे बृहस्पतिवार को नदवा से संबद्ध मदरसों के दो दिवसीय परामर्शी जलसे के अंतिम दिन खिताब कर रहे थे। इस मौके पर मुफ्ती राशिद हुसैन नदवी की पुस्तक अहकाम-ओ-मसायल का विमोचन भी किया गया। नदवा के सचिव मौलाना जाफर मसूद हसनी नदवी ने कहा कि दीनी तालीम से दिल गुनाहों से पाक होता है। मौलाना अब्दुल अजीज भटकली नदवी, डॉ. राशिद नसीम नदवी, भोपाल के काजी मौलाना मुश्ताक अली नदवी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।