सेंटिनियल इंटर कॉलेज के प्रबंध तंत्र का विवाद आज बृहस्पतिवार को सड़क पर आ गया। कॉलेज के शिक्षकों और छात्रों को सुबह जब प्रवेश नहीं करने दिया गया तो शिक्षकों ने सड़क पर ही क्लास लगा दी। जमीन पर दरी बिछा दी और छोटे ग्रीनबोर्ड पर पढ़ाने लगे। बच्चे भी एक-एक करके आने लगे और दरी पर बैठकर पढ़ाई शुरू कर दी।
गोलागंज स्थित सेंटिनियल इंटर कॉलेज का बृहस्पतिवार सुबह का नजारा अलग ही था। यहां पर कॉलेज के अंदर नहीं बल्कि गेट के बाहर सड़क पर कक्षाएं लगी। प्रबंध तंत्र के विवाद के चलते एक जुलाई से स्कूल बंद चल रहा है। न शिक्षकों को प्रवेश करने दिया जा रहा है न छात्रों को। शिक्षाधिकारी भी स्कूल खुलवाने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
यह है विवाद: 139 साल पुराने ऐतिहासिक सरकारी सहायता प्राप्त सेंटिनियल इंटर कॉलेज में प्रबंध तंत्र का विवाद चल रहा है। जिस मूल भवन में स्कूल चलता था वहां पर अब निजी मेथोडिस्ट चर्च स्कूल खोल दिया गया है, जबकि सेंटिनियल को दूसरे भवन में शिफ्ट कर दिया गया। तबसे एक जुलाई से यह बंद चल रहा है।
इसकी सूचना शिक्षाधिकारियों तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ अमरकांत सिंह और जेडी सुरेंद्र तिवारी को दी गई। इन्होंने इसे खुलवाने की बजाय फिलहाल बंद करने का आदेश दे दिया। प्रिंसिपल राजीव दयाल ने बताया कि शिक्षाधिकारिओं के अलावा माध्यमिक शिक्षा मंत्री तक को जानकारी दी गई लेकिन स्कूल नहीं खुल पाया।