राष्ट्रीय व राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए शिक्षकों को अब न तो आवेदन करना होगा और न ही अधिकारियों से सिफारिश कराने के लिए उनकी परिक्रमा करनी होगी।
इन दोनों पुरस्कारों के लिए जिला स्तर पर बेसिक शिक्षा अधिकारियों की अध्यक्षता में कमेटी गठित होगी।
यह कमेटी खंड शिक्षा अधिकारियों के सहयोग से श्रेष्ठ शिक्षकों का चयन कर उनके नामों की सिफारिश करेगी।
इसके बाद इसे बेसिक शिक्षा निदेशालय इलाहाबाद भेजा जाएगा। बेसिक शिक्षा निदेशक बासुदेव यादव ने जिलों को इस आशय का आदेश भेज दिया है।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के श्रेष्ठ शिक्षकों को हर साल शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय व राज्य अध्यापक पुरस्कार दिया जाता है।
19 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार (17 सामान्य व 2 निशक्त) तथा 17 शिक्षकों को राज्य पुरस्कार दिया जाता है।
अभी तक जिला स्तर पर इसके लिए आवेदन मांगने के बाद निदेशालय स्तर पर साक्षात्कार लिया जाता था।
इसके लिए शिक्षकों को अपना प्रोफाइल स्वयं तैयार करना होता था। इससे उन्हें काफी परेशानियां होती थीं। इसलिए निदेशालय स्तर पर चयन प्रक्रिया में बदलाव कर दिया गया है।
नई व्यवस्था में जिला स्तर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। इसमें उप बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा दो वरिष्ठतम खंड शिक्षा अधिकारी होंगे जो बेहतर आचरण व श्रेष्ठ शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षकों को चिह्नित करेंगे।
पुरस्कार के लिए चयनित करने के संबंध में उनके कार्यों की समीक्षा भी यही कमेटी करेगी। बीएसए ही शिक्षकों का पूरा विवरण निर्धारित प्रारूप पर भरने के साथ ही जरूरी प्रमाण पत्र व फोटो आदि निदेशालय भेजेगा।