लखनऊ में ठाकुरगंज के लालाबाग में प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक रवींद्र शुक्ला (45) ने मंगलवार दोपहर छुट्टी के बाद क्लास रूम में फांसी लगा ली। उनका शव पंखे के कुंडे से लटकता मिला। मैदान में खेलने आए बच्चों ने शव लटकता देख शोर मचाया।
इसके बाद पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजवाया। पुलिस के मुताबिक, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। वहीं, साथी शिक्षकाें ने विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक, तहरीर नहीं मिली है। पड़ताल की जा रही है।
प्रभारी निरीक्षक ठाकुरगंज प्रमोद कुमार मिश्रा के मुताबिक, राजाजीपुरम ई ब्लॉक निवासी रवींद्र शुक्ला 2011 से लालाबाग प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। उनके साथ अनिल कुमार सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं
मौके पर पहुंची पुलिस ने नीचे उतारा शव
शिक्षक के फांसी लगाने की सूचना के बाद स्कूल में पसरा सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को अनिल कुमार ठाकुरगंज स्थित कालीचरण इंटर कॉलेज में निष्ठा ट्रेनिंग में गए थे। विद्यालय में अकेले रवींद्र थे। दोपहर को बच्चों की छुट्टी के बाद रवींद्र विद्यालय में थे। कुछ देर बाद वे कक्षा आठ के कमरे में गए और पंखे के कुंडे से रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली।
दोपहर करीब तीन बजे बच्चे मैदान में खेलने गए। वहां खिड़की से रवींद्र का शव लटकता देख शोर मचाया तो आसपास के लोग जुट गए। लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव नीचे उतारा और कमरे व रवींद्र के कपड़ों की तलाशी ली। लेकिन सुसाइड नोट नहीं मिला।
रवींद्र के फांसी लगाने की सूचना पर उसके साथ के दर्जनों शिक्षक पहुंच गए और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया। शिक्षक संघ के अध्यक्ष संदीप सिंह का आरोप है कि खंड शिक्षा अधिकारी की प्रताड़ना से शिक्षक ने जान दी है।
पुलिस ने खुदकुशी की सूचना परिवारीजनों को दी। कुछ देर में परिवार के लोग भी पहुंच गये। परिवार में मां ज्ञानेश्वरी शुक्ला, भाई गोपाल, अरविंद, पत्नी मीना व बेटी जाह्नवी है।