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लखनऊ: अस्थि कलशों पर दिवंगत लोगों के नाम की पर्ची, अंतिम संस्कार के बाद वापस नहीं लौटे परिजन

Sun, 30 May 2021 06:45 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
लावारिश शवों के अंतिम संस्कार के बाद उनकी अस्थियों का तर्पण शुभ संस्कार समिति करेगी। समिति के अध्यक्ष ऋद्धि गौड़ ने बताया कि वह 10 जून को अमावस्या के दिन अस्थियों को लेकर संगम नगरी जाएंगे, जहां अस्थि विसर्जन करेंगे।

गौड़ ने बताया कि कोरोना काल में लखनऊ के बाहर दूर दराज के जिलों से लोग यहां अपने परिजनों का इलाज करवाने आए। जब कोरोना ने उनके परिजनों की सांसे छीन ली तो वह यहीं शमशान घाट पर परिजनों का अंतिम संस्कार करके चले गए। अस्थि कलशों पर दिवंगत लोगों के नाम की पर्ची लगी है।

इनकी संख्या 105 है, जिसमें भैसाकुंड विद्युत शवदाह गृह के 35, भैसाकुंड चिताओं पर होने वाले संस्कार के 25, गुलाला विद्युत शवदाह गृह के 30 और गुलाला घाट पर चिताओं पर होने वाले संस्कार के 15 कलश शामिल हैं।

बता दें कि इस कोरोना काल में प्रदेश में बड़ी संख्या में मौतें हुई हैं। वहीं, लखनऊ के श्मशान घाटों पर हर रोज सैकड़ों शव जलाए गए। हालांकि, लॉकडाउन लगाने के बाद से मृतकों की संख्या में भारी कमी आई है।
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- फोटो : amar ujala
कोरोना की दूसरी लहर पूरे प्रदेश पर कहर बनकर टूटी और प्रदेश की सारी व्यवस्थाएं कुछ दिनों के लिए ध्वस्त हो गईं।
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- फोटो : amar ujala
हालात ये हो गए कि अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर नहीं थे और श्मशान में शव जलाने गए लोगों को लकड़ियों तक नहीं नसीब हो रही थीं।

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- फोटो : अमर उजाला
ये तस्वीर लखनऊ बैकुंठधाम की है। जहां दूसरी लहर के समय कतार में शव जलाए गए।
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- फोटो : amar ujala
हर रोज बड़ी संख्या में चिताएं लगाई जा रही थीं और शव कम ही नहीं हो रहे थे। हालांकि, लॉकडाउन लगाने से राहत मिली और अब मौत और संक्रमण दोनों कम हो गए हैं।
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