लावारिश शवों के अंतिम संस्कार के बाद उनकी अस्थियों का तर्पण शुभ संस्कार समिति करेगी। समिति के अध्यक्ष ऋद्धि गौड़ ने बताया कि वह 10 जून को अमावस्या के दिन अस्थियों को लेकर संगम नगरी जाएंगे, जहां अस्थि विसर्जन करेंगे।
गौड़ ने बताया कि कोरोना काल में लखनऊ के बाहर दूर दराज के जिलों से लोग यहां अपने परिजनों का इलाज करवाने आए। जब कोरोना ने उनके परिजनों की सांसे छीन ली तो वह यहीं शमशान घाट पर परिजनों का अंतिम संस्कार करके चले गए। अस्थि कलशों पर दिवंगत लोगों के नाम की पर्ची लगी है।
इनकी संख्या 105 है, जिसमें भैसाकुंड विद्युत शवदाह गृह के 35, भैसाकुंड चिताओं पर होने वाले संस्कार के 25, गुलाला विद्युत शवदाह गृह के 30 और गुलाला घाट पर चिताओं पर होने वाले संस्कार के 15 कलश शामिल हैं।
बता दें कि इस कोरोना काल में प्रदेश में बड़ी संख्या में मौतें हुई हैं। वहीं, लखनऊ के श्मशान घाटों पर हर रोज सैकड़ों शव जलाए गए। हालांकि, लॉकडाउन लगाने के बाद से मृतकों की संख्या में भारी कमी आई है।