खतौनी, आय-जाति व निवास प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं के लिए पहले तहसील का चक्कर लगाने से राहत दी गई। अब स्मार्टफोन व इंटरनेट के जमाने में सरकार ने घर बैठे इंटरनेट के जरिये ये सेवाएं लेने की व्यवस्था कर दी है। इसके लिए जनसेवा व ई-डिस्ट्रिक्ट केंद्र जाने की भी जरूरत नहीं है।
जनसेवा केंद्र, लोकवाणी, ई-डिस्ट्रिक्ट व ई-सुविधा केंद्रों से तय समय में मिलने वाले प्रमाणपत्र अब इंटरनेट के जरिये कोई भी, कहीं से भी हासिल कर सकता है। नए सिस्टम में प्रमाणपत्र जारी होते ही आवेदक के मोबाइल पर सूचना पहुंच जाएगी।
उसे प्रमाणपत्र इंटरनेट पर ही मिल जाएंगे। इसके लिए शुल्क अदा करना होगा लेकिन यह लोकवाणी व अन्य केंद्रों की अपेक्षा आधा होगा।
प्रदेश में जनसेवा व अन्य केंद्रों के माध्यम से आवेदक आठ विभागों की 26 सेवाएं तय समय में प्राप्त कर सकते हैं। इसमें खतौनी, आय-जाति व निवास प्रमाणपत्र और अन्य सेवाएं शामिल हैं।
आवेदकों को खतौनी के लिए 30 रुपये व अन्य सेवाओं के लिए 20 रुपये शुल्क देना होता है। अब कोई आवेदक यदि बिना इन केंद्रों पर गए ही सेवा प्राप्त करना चाहता है तो ले सकेगा।