यूपी में पहले चरण के चुनाव में ताल ठोक रहे 146 प्रत्याशियों में 33 के खिलाफ गंभीर आरोप हैं।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट में दस में से सात को ‘रेड अलर्ट संसदीय क्षेत्र’ घोषित किया गया है, क्योंकि यहां तीन या उससे ज्यादा कैंडीडेट आपराधिक केसों का सामना कर रहे हैं।
सिद्धांतों की दुहाई देने वाली आम आदमी पार्टी ने भी ऐसे दो कैंडीडेट उतारे हैं जिनपर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
एडीआर और इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट में गंभीर आपराधिक मामले उन्हें कहा गया है, जिनमें पांच साल या उससे ज्यादा की सजा सुनाई जा सकती है।
12 आरोप 'आप' के योगेश कुमार पर
रिपोर्ट के मुताबिक, पहले चरण के चुनाव मैदान में उतरे 26 प्रत्याशियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, बलात्कार, अपहरण, डकैती और लूट की धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
20 तो ऐसे हैं, जो एक से ज्यादा गंभीर धाराओं वाले केसों का सामना कर रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा 12 आरोप सहारनपुर से आप के प्रत्याशी योगेश कुमार पर हैं।
दूसरा नंबर भी मेरठ से आप के प्रत्याशी डॉ. हिमांशु सिंह का है। उनके खिलाफ आईपीसी की 10 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
सपा के राणा भी कम नहीं
इस लिहाज से तीसरा नंबर बिजनौर से सपा प्रत्याशी शहनवाज राणा का है। उनके खिलाफ नौ धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है।
मुजफ्फरनगर से बसपा प्रत्याशी कादिर राणा और बुलंदशहर से इसी पार्टी के प्रत्याशी प्रदीप कुमार जाटव के खिलाफ हत्या का मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है।
वहीं सपा के शहनवाज राणा बलात्कार के आरोप का सामना कर रहे हैं।
ये भी जान लें
• पहले चरण के 146 प्रत्याशियों में से 33 ने दिए गए शपथपत्र में अपने खिलाफ आपराधिक केसों का जिक्र किया है।
• 26 प्रत्याशियों के खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, बलात्कार, अपहरण, डकैती और लूट की धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
• लगी गंभीर धाराओं के हिसाब से टॉप थ्री प्रत्याशियों में से दो आम आदमी पार्टी के, तीसरा सपा का।
• कांग्रेस के छह प्रत्याशियों में से चार पर, सपा के दस में से चार पर, बसपा के दस में तीन पर और आप के दस में से दो प्रत्याशियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
• छह प्रत्याशियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज है।