लखनऊ। ऑनलाइन माध्यम से भुगतान करने के बाद भी खाने की वस्तुएं न पहुंचाने पर एक उपभोक्ता की शिकायत पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम ने स्वीगी लिमिटेड को जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है। आदेश में कहा गया है कि परिवादिनी की ओर से भुगतान की गई राशि नौ प्रतिशत ब्याज समेत वापस की जाए। इसके अलावा परिवादिनी को मानसिक व शारीरिक कष्ट के लिए क्षतिपूर्ति के रूप में 20 हजार रुपये और वाद व्यय के लिए पांच हजार रुपये अदा किए जाएं।
इंदिरानगर निवासी ऐश्वर्या वर्मा ने 18 नवंबर 2024 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम के यहां परिवाद दाखिल किया था। उन्होंने बताया कि 30 अक्तूबर 2024 को घर पर पार्टी के लिए स्वीगी से खाने का सामान ऑर्डर किया था। इसकी कीमत 4,347 रुपये थी। इस राशि का भुगतान यूपीआई के जरिये किया था। ऐश्वर्या के अनुसार, उन्हें जब ऑर्डर प्राप्त हुआ तो उसमें वेजी बर्गर पेटीज दो पीस, मसाला फ्राइज चार और एक चिकन पेटीज प्राप्त नहीं हुआ था। इसकी कीमत 1,036 रुपये थी। संबंधित रेस्टोरेंट और स्वीगी लिमिटेड से शिकायत कराने के बाद भी न कार्रवाई हुई और न रुपये लौटाए गए। आयोग में वाद पर पांच जुलाई को निर्णय सुनाया गया। निर्णय में आयोग प्रथम के अध्यक्ष नीलकंठ सहाय ने कहा कि यदि आदेश के 45 दिन के भीतर यह धनराशि परिवादिनी को नहीं दी जाती है तो फिर संपूर्ण धनराशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना पड़ेगा।