सवाल: जिला पंचायत सदस्य व बीडीसी चुनाव में जनादेश आप के खिलाफ था, फिर जिपं अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख में इतनी बड़ी जीत कैसे मिली?
जवाब: एक माहौल बना था कि सपा ने ज्यादा सीटें जीती हैं, जबकि वास्तव में निर्दलीय ज्यादा जीते थे। भाजपा ने भी 900 से ज्यादा सीटें जीती थीं। जैसे कहीं यादव जीता तो मान लिया गया था कि वह सपा का है, लेकिन ऐसा नहीं था। निर्दलीय भी भाजपा से जुड़े हुए थे। सपा ने अपना माहौल बनाया था, लेकिन निर्दलियों ने भाजपा की सदस्यता लेकर समर्थन दिया।
सवाल: भाजपा का नारा है, सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास लेकिन जिपं अध्यक्ष और क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष में एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया?
जवाब: टिकट देने के लिए पार्टी के प्रति समर्पण, जनता के बीच लोकप्रियता, कार्यकर्ताओं के बीच स्वीकार्यता को देखा जाता है। वैसे हमसे किसी मुस्लिम ने टिकट भी नहीं मांगा। यदि मांगता तो विचार भी करते।
सवाल: क्या यूपी में भी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मंत्रिमंडल विस्तार होगा?
जवाब: आगामी समय में क्या निर्णय लिया जाएगा, इस संबंध में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।
सवाल: पंचायत चुनाव की जीत को किस रूप में देखते हैं?
जवाब: भाजपा को इतनी बड़ी सफलता मिलने से समाज में अच्छा संदेश गया है। पंचायत व सहकारिता के क्षेत्र में भाजपा कम रुचि लेती थी, वहां पर सपा का होल्ड था। लेकिन पहली बार भाजपा ने इसमें रुचि ली। यह सफलता पिछले पांच सालों से प्रयासों की देन है।
सवाल: कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने के लिए क्या कर रहे हैं?
जवाब: भाजपा कार्यकर्ता का सपना अयोध्या में राम मंदिर बनते देखना, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति था। सरकार कार्यकर्ताओं के सपने को पूरा कर रही है। जहां तक उनके व्यक्तिगत कार्यों या समस्याओं की बात है तो उनकी भी सुनवाई हर स्तर पर हो रही है। सभी कार्यकर्ताओं का समायोजन होता है। सरकार व संगठन उनकी चिंता करते हैं।
सवाल: सरकार व संगठन में कहां सुधार की गुंजाइश लगती है?
जवाब: भाजपा में 17-18 वर्ष की उम्र के नए कार्यकर्ताओं का प्रवेश लगातार होना चाहिए। संगठन के कारण ही सरकार बनती है। मंडल से प्रदेश तक नए कार्यकर्ताओं को जोड़कर संगठन का विस्तार करना है। सरकार के स्तर पर जो भी काम होने चाहिए वह हो रहे हैं।
सवाल: पंचायत चुनाव में आपके कार्यकर्ताओं ने भी उपद्रव किया, इससे क्या गलत संदेश नहीं गया?
जवाब: प्रदेश में इतना बड़ा चुनाव हुआ है, यदि किसी कार्यकर्ता ने शरारत की है तो उसे किसी ने बचाया नहीं है। हम सरकार में गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आए थे। इसलिए किसी गुंडे या भ्रष्टाचारी को महत्व नहीं देंगे। किसी को गुंडागर्दी की छूट नहीं है।
सवाल: 2017 चुनाव में ताकत बढ़ाने के लिए विपक्षी दलों से बड़ी संख्या में नेताओं को भाजपा में शामिल किया गया था। क्या 2022 में भी ऐसा होगा?
जवाब: यदि मंडल या जिले की टीम को किसी दूसरे दल के नेता की आवश्यकता महसूस होगी तो उन्हें पार्टी में शामिल किया जाएगा।