भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी द्वारा संसद में बसपा सांसद दानिश अली पर अभद्र टिप्पणी करने को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा पर सख्त नाराजगी दिखाई है।
एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी की टिप्पणी अशोभनीय है। यह एक सांसद की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ भाजपा सांसद के चरित्र को दिखाता है बल्कि ये भाजपा की संस्कृति को भी दिखाता है।
बता दें कि संसद के विशेत्र सत्र में लोकसभा की कार्यवाही के दौरान भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी के भाषण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा सांसद भाषण के दौरान अभद्र भाषा बोलते हुए दिखाई दिए। भाजपा सांसद बिधूड़ी के अभद्र भाषा को लेकर तमाम राजनीतिक दल ने विरोध दर्ज किया है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी विधूड़ी के बयान पर आपित्त दर्ज कराई और भाजपा को निशाने पर लिया। लखनऊ में उन्होंने कहा कि ये भाजपा का असली चाल, चरित्र और चेहरा है।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने को कहा। उन्होंने पत्र में कहा, एक प्रमुख राजनीतिक दल के सदस्य के खिलाफ खुलेआम अपमानजनक और असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने विधूड़ी पर कड़ी कार्यवाही करने का अनुरोध किया है।
अखिलेश यादव ने कहा, ये आपराधिक घटना से कम नहीं
अखिलेश यादव इस पर ट्वीट कर कहा था कि इंसान की पहचान चेहरा नहीं ज़ुबान होती है। सत्ता के नशे में बेसुध भाजपा के एक सांसद द्वारा विपक्ष के एक अल्पसंख्यक सांसद को अतिअभद्र तरीके से संबोधित करना किसी आपराधिक घटना से कम नहीं है। ये भाजपा की नकारात्मक राजनीति का निकृष्टतम रूप है जिसमें अन्य भाजपाई सांसदों का हंसते हुए सम्मिलित होना दिखाता है कि ये किसी एक भाजपाई की गलती नहीं है बल्कि ये भाजपा के अधिकांश सदस्यों की निर्लज्जता का बेशर्म प्रदर्शन है। ऐसे सासंदो पर, किसी भी प्रकार की संसदीय विशेषाधिकारों की छूट से परे, किसी एक सांसद नहीं बल्कि पूरे संसद और संविधान की मानहानि करने का मुक़दमा होना चाहिए और ताउम्र की पाबंदी भी।