राममंदिर के लिए शिलापूजन करते स्वामी परमहंस।
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राममंदिर निर्माण के लिए दो बार आमरण अनशन कर चुके तपस्वी छावनी मंदिर के महंत परमहंस दास ने मंगलवार दोपहर ठीक 12 बजे अपने आश्रम पर वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य राममंदिर निर्माण के लिए शिलापूजन किया। पूजित शिला को रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला में रखे जाने की मंशा जाहिर की। उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा रखें, इन्हीं के द्वारा ही भव्य राममंदिर का निर्माण होगा।
उन्होंने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों की आत्मशंाति के लिए भी पूजन किया। कहा कि सरकार ने अलगाववादियों की सुरक्षा वापस लेकर सराहनीय कदम उठाया है। इनकी संपत्ति जब्त कर नागरिकता भी खत्म करनी चाहिए। धारा 370 को भी हटाकर गुलाम कश्मीर को मुक्त कर वहां शहीद जवानों के स्मृति में शहीद मंदिर बनवाने की मांग उठाई। इसके लिए स्वयं भी आर्थिक सहयोग देने की बात कही।
शिलापूजन पर विहिप ने उठाए सवाल
विश्वहिंदू परिषद ने महंत परमहंस दास द्वारा किए गए शिलापूजन पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान में देश का माहौल अनुकूल नहीं है। इसलिए यह शिलापूजन या शिलादान का उचित समय नहीं है। विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि राममंदिर के साथ राष्ट्रमंदिर का भी निर्माण आवश्यक है। राष्ट्ररक्षा के लिए वर्तमान में अनुष्ठान की जरूरत है न कि शिलापूजन की।