इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण आज है। यह सूर्य ग्रहण देश के किसी भी शहर में देखा जा सकता है। सीतापुर में सूर्यग्रहण का सूतक काल ग्रहण से चार घंटे पहले लगेगा। ग्रहण यहां 4:37 से शुरू होगा। लिहाजा, सूतक काल दोपहर 12:30 बजे से शुरू हो जाएगा। धार्मिक मान्यता के मुताबिक नैमिषारण्य के प्रमुख मंदिरों में ब्रम्ह बेला में सफाई के बाद जल से प्रांगण को धुल कर सूतक काल से पहले ही भगवान को विश्राम दे दिया गया।
आचार्य सदानंद द्विवेदी ने बताया आज का सूर्य ग्रहण भारत मे दृश्य होगा। लखनऊ में गृहण स्पर्श सायं 4:37 से मध्य 5:23 और सूर्यास्त 5:29 पर है। ग्रहण का मोक्ष 6:32 पर होगा, जो भारत में नहीं दिखेगा। यह ग्रहण स्वाति नक्षत्र तुला राशि पर पड़ेगे। इसके अलावा मेष राशि वालों को स्त्री पीड़ा मिलेगी। वृष राशि वालों को सौख्य, मिथुन राशि वालो को चिन्ता, कर्क राशि वालो को व्यथा, सिंह राशि वालों को श्री वृद्धि, कन्या राशि वालों को क्षति, तुला राशि वालों को घात, वृश्चिक राशि वालों को हानि, धनु राशि वालों को लाभ, मकर राशि वालों को सुख, कुंभ राशि वालों को मान नाश, मीन राशि वालों को मृत्यु तुल्य कष्ट मिल सकता है।
अरिष्ट फल से बचने के उपाय
आचार्य ने बताया कि ग्रहण काल में सॉफ्ट जातियों को दान करना चाहिए। ग्रहण समाप्त होने पर स्नान कर ब्राह्मणों को दान करना चाहिए। सूर्य ग्रहण में गंगा, प्रयाग, पुष्कर, कुरुक्षेत्र हत्या हरण चक्रतीर्थ मे स्नान का शास्त्रों में विशेष महत्व बताया गया है। गर्भवती स्त्रियों को ग्रहण काल में चिल्ला काटना, बाहर निकलना वर्जित रहता है। अन्यथा गर्भस्थ शिशु को कष्ट होता है। ग्रहण के समय गर्भवती स्त्री पेट पर गेरू व गोबर का लेप लगा ले। खाद्य सामग्री में कुश या तुलसीदल डाल दें। ग्रहण के दौरान भगवान के पट बंद कर दें। पूजन न करें। उस दौरान सिर्फ जाप करें।