प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने गुरुवार को जिला एवं महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। मरीजों से बात की। बातचीत में मरीजों ने कहा कि डॉक्टर सीधे मुंह बात नहीं करते और बिना पैसा लिए उपचार नहीं होता है। बाहर से दवाएं लिखी जाती हैं। विरोध करने पर मरीज को अस्पताल से भगा दिया जाता है।
मरीजों की शिकायत और अस्पताल में अव्यवस्था देख मंत्री ने कहा कि सरकार की नाक के नीचे इतनी गड़बड़ी हो रही है। किसी को छोडूंगा नहीं। उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक अस्पताल का निरीक्षण किया। उसके बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि मुझे सब पता है कि कहां क्या हो रहा है। बेइमानों को भगा दिया जाएगा, भ्रष्टाचार करने वालों को बर्खास्त कर दिया जाएगा। पैसा लेने वालों को जेल जाना होगा।
उन्होंने अस्पताल में लोगों से कहा कि इलाज के नाम पर सब कुछ फ्री है। किसी को एक पैसा देने की जरूरत नहीं है। जो पैसा मांगता है उससे तो हम निपट लेंगे।फैजाबाद से लखनऊ जाते समय प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन का काफिला बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे अचानक जिला अस्पताल की ओर मुड़ गया। मंत्री के आने की सूचना मिलते ही सीएमएस उन्हें रिसीव करने के लिए दौड़ पडे़।
'मैं सबको ठीक कर दूंगा'
चेतावनी भरे लहजे में कहा कि रहने दो, सबको ठीक कर दूंगा। इमरजेंसी में गंदगी देख कहा इतनी गंदगी तो किसी की झोपड़ी में भी नहीं होती है। इसके बाद वह इमरजेंसी वार्ड पहुंचे जहां मरीजों ने बताया कि उन्हें बाहर से दवाएं लिखी जाती हैं।
इस पर मंत्री बोले-मुझे सब पता है कुछ बताने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री से मरीजों को शिकायत करते देख सीएमओ डॉ. रविंदर कुमार व सीएमएस डॉ. सर्वेश सक्सेना को पसीना छूट रहा था।
इमरजेंसी में भर्ती सगीर के पिता शब्बीर ने बताया कि डीजल पी लेने पर उसे लाया गया। उसे सात सौ रुपये की दवाएं बाहर से लिखीं गईं। टिकरा अहिरनपुरवा निवासी रामराजी ने बताया कि गिरने से उसका सिर फट गया लेकिन सुबह से अब तक कोई देखने तक नहीं आया। इस तरह कई मरीजों की जुबानी सुन स्वास्थ्य मंत्री का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
सीएमएस और सीएमओ की ओर देखा तो उन्हें पसीना छूट गया। कहा सरकार की नाक के नीचे ये हाल है... सब को ठीक कर दूंगा... किसी को छोडूंगा नहीं। अस्पताल में भर्ती मरीजों ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि जिले से सत्ताधारी दल के छह विधायक हैं। इनमें से तीन राज्यमंत्री हैं लेकिन उन्होंने अस्पताल की स्थिति जानने की कभी कोशिश नहीं की।
महिला अस्पताल में मिलीं शिकायतें
स्वास्थ्य मंत्री ने जिला महिला अस्पताल का भी जायजा लिया। ओपीडी में मौजूद घंटाघर निवासी फातिमा ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि अल्ट्रासाउंड होने के बावजूद उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया। वहां पर दो सौ रुपये लेकर अल्ट्रासाउंड किया गया।
महिला अस्पताल के बाहर मीडिया कर्मियों रूबरू होते ही स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने कहा कि आज मैं बहुत दुखी हूं। हम तो समझ रहे थे कि राजधानी के सबसे करीब होने के नाते यहां की स्वास्थ्य सेवाएं काफी बेहतर होंगी लेकिन यहां की सेवाएं तो बदतर हैं।
इसकी उम्मीद हमें सपने में भी नहीं थी। अस्पताल किस तरह को होना चाहिए इसका जो सपना हमारी सरकार ने देखा था वह साकार होता नहीं दिख रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुझे इस बात की कतई उम्मीद नहीं थी कि चिकित्सक मरीजों के साथ इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं।
यह कहते हुए स्वास्थ्य मंत्री वाकई भावुक हो गए। फिर बोले सबके खिलाफ कार्रवाई होगी, किसी को छोडूंगा नहीं। कहासीएचसी-पीएचसी के लिए तीन हजार डॉक्टर भर्ती किए गए हैं। जल्द ही व्यवस्था में सुधार दिखाई देगा।