फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिशन यूपी में भाजपाइयों के लिए संजीवनी बन सकती है सर्जिकल स्ट्राइक

Fri, 30 Sep 2016 09:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
demo pic - फोटो : Getty
विज्ञापन
पीओके में घुसकर आतंकी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक 2017 के विधानसभा चुनाव में भगवा ब्रिगेड के लिए संजीवनी बन सकती है। उड़ी के आतंकी हमले में 18 जवानों की शहादत के बाद फजीहत झेल रही केंद्र सरकार को इस अटैक पर व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है।
विज्ञापन


ऐसे में पाकिस्तान विरोधी भावना, पीएम मोदी के साहसिक कदम और देशभक्ति के जज्बे को भाजपा विधानसभा चुनाव में भुनाएगी। इसकी तैयारी शुरू हो गई है।

बृहस्पतिवार को सर्जिकल स्ट्राइक पर जश्न मानने वालों में भाजपाई सबसे आगे रहे। जम्मू कश्मीर में पीडीपी के साथ सरकार बनाने, कश्मीर में लगातार हालात बिगड़ने और सीमा पर कड़ी कार्रवाई का संदेश देने में नाकामी के चलते केंद्र सरकार की किरकिरी हो रही थी। उड़ी में फिदाइन हमले के बाद तो आलोचनाएं और बढ़ गईं थीं। इस स्ट्राइक के बाद से केंद्र सरकार के तेवर आक्रामक हैं।

विधानसभा चुनाव के लिए इसे अनुकूल मान रहे हैं भाजपाई

demo pic
कूटनीतिक मोर्चे पर पाकिस्तान को मात देने के साथ ही पाक अधिकृत कश्मीर के आतंकी शिविरों को नष्ट करने की कार्रवाई ने मोदी व केंद्र सरकार को फ्रंट फुट पर ला दिया है। भाजपा नेता विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इसे अपने अनुकूल मान रहे हैं। उनके चेहरे खिले हुए हैं।

सर्जिकल स्ट्राइक का सबसे मुखर समर्थन, भाजपा के निशाने पर रहने वाले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने किया। वे देश के रक्षा मंत्री रह चुके हैं और आतंकवाद और देश की सुरक्षा के मुद्दे पर लगातार बोलते रहे हैं। दूसरे दलों ने भी सेना की सराहना की है।

युद्ध के माहौल से ध्रुवीकरण में होगी आसानी
भाजपा ने 2014 का लोकसभा चुनाव वोटों के सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के आधार पर जीता था। मुजफ्फरनगर दंगों के बाद हुए चुनावों में पश्चिमी यूपी से बने माहौल ने पूरे प्रदेश में लाभ पहुंचाया। अब युद्ध जैसे हालात से देशभक्ति का जज्बा वोटों के ध्रुवीकरण में मददगार हो सकता है।
विज्ञापन

बिहार की तरह बिना फेस के उतर सकती है भाजपा

demo pic
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद देश में जिस का माहौल बना हुआ है यदि वह कायम रहा तो प्रदेश में भाजपा के लिए सीएम का चेहरा बड़ा मुद्दा नहीं रहेगा। भाजपा, पीएम मोदी के नाम पर चुनाव लड़ सकती है। पाकिस्तान को सार्क ही नहीं अन्य अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग करने के बाद पीओके में कार्रवाई के बाद मोदी का कद बढ़ा है।

बाहरी नेताओं के सहारे रण जीतने की रणनीति
चुनावी तैयारी में जुटी भाजपा अभी तक प्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा पेश करने में नाकाम रही है। दूसरे दलों से आयातित नेताओं के सहारे विधानसभा की वैतरणी पार करने की तैयारी चल रही है।

कई विधायकों, पूर्व विधायकों समेत दूसरे दलों के दर्जनों प्रमुख नेता भाजपा में आ चुके हैं। उन्हें टिकट दिए जाने पर विरोध की संभावना थी, लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक से बने माहौल ने पार्टी की राह आसान कर दी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें