सुप्रीम कोर्ट से शिक्षा मित्रों को बिना टीईटी शिक्षक बनाए जाने को अवैध करार देने के साथ प्रक्रिया रोकने संबंधी आदेश आने के दूसरे दिन मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी मथापच्ची में जुट गए।
शिक्षा अधिकारी अब इस कोशिश में हैं कि कैसे इसकी काट निकाली जाए, जिससे सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल सके। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने बेसिक शिक्षा निदेशक डीबी शर्मा के साथ अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की।
इसमें उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली के उस संशोधन पर चर्चा की गई, जिसमें शिक्षा मित्रों को शिक्षक बनाने का प्रावधान किया गया था।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद परिषदीय स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रदेश में 27 जुलाई 2011 को उत्तर प्रदेश निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली जारी करते हुए टीईटी का यह प्रावधान किया गया।