पानी की किल्लत दूर करने के लिए प्रशासन ने खास तैयारी कर ली है, लापरवाही होने पर अफसर भी नपेंगे।
प्रचंड गर्मी में पानी की किल्लत दूर करने की
वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जाएंगी। शहर में जहां भी पानी का मोटर खराब होगा,
उसे तत्काल ठीक कराया जाएगा।
इसमें किसी तरह की लापरवाही पर संबंधित क्षेत्र के सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर विकास विभाग ने जल संस्थान के महाप्रबंधकों को इस संबंध में निर्देश दे दिया गया है।
उन्हें सख्त हिदायत दी गई है कि जहां भी पानी की समस्या की जानकारी मिले वहां तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाए, ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति की जिम्मेदारी जल संस्थानों के पास है। शासन स्तर पर इसकी देखरेख की जिम्मेदारी नगर विकास विभाग के पास है। भीषण गर्मी में पानी का मोटर जलना या खराब होना आम बात है।
जल संस्थानों को विकल्प के रूप में दूसरा मोटर रखना चाहिए, लेकिन कुछ जिलों में इसकी व्यवस्था या तो की नहीं गई है या फिर की भी गई है तो वह खराब पड़ा है।
इसके चलते मोटर जलने पर लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है। इसलिए नगर विकास विभाग चाहता है कि जल संस्थान मोटर खराब होने की स्थिति में विकल्प की व्यवस्था रखे।
इसमें दूसरा मोटर भी खराब है तो संबंधित क्षेत्रों में टैंकर की तत्काल व्यवस्था कराई जाए, ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
जल संस्थान के महाप्रबंधकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि इसके लिए संबंधित क्षेत्र के सुपरवाइजरों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।