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जहरीली शराब कांड पीड़ितों के लिए खेला मौत का खेल!

Sat, 17 Jan 2015 12:52 PM IST
हेमंत पांडेय/अमर उजाला, लखनऊ
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जहरीली शराब से दर्जनों लोगों की मौत से आहत एक युवक ने बुधवार को एनेक्सी के सामने आत्मदाह करने का प्रयास किया। जैसे ही उसने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मिट्टी का तेल अपने शरीर पर उड़ेला, हड़कंप मच गया।
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वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने तत्काल उसे दबोच लिया और गिरफ्तार करके हजरतगंज कोतवाली ले गए। आत्मदाह करने की कोशिश के मामले में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मेडिकल परीक्षण कराया गया।

आशियाना में तेलीबाग के अवधनगर निवासी हरिलाल के बेटे प्रदीप कुमार ने बताया कि वह बहुजन क्रांति पार्टी में युवा मोर्चे का प्रदेश अध्यक्ष है। उसका आरोप है कि मलिहाबाद में जहरीली शराब पीने की वजह से दर्जनों लोगों की मौत की जिम्मेदार अखिलेश सरकार है।
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गलत नीतियों की वजह से अवैध शराब के खिलाफ कभी भी प्रभावी अभियान नहीं चलाया गया। अब सरकार आबकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का ढोंग रच रही है। इन मौतों की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।

इसी मांग को लेकर वह अन्य कार्यकर्ताओं के साथ आत्मदाह करने एनेक्सी के सामने गया था। जैसे ही वह गेट नंबर एक पर पहुंचा और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू की वहां पहले से तैनात पुलिस कर्मियों ने घेर लिया।

इसके बावजूद उसने अपने शरीर पर मिट्टी का तेल उड़ेल लिया। आग लगाने से पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथियों को पुलिस ने लाठियां फटकार कर भगा दिया।
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मुसीबत में नेता को छोड़कर भागे कार्यकर्ता

प्रदीप कुमार ने बताया कि उसने मंगलवार को ही मुख्यमंत्री अखिलेश के इस्तीफे की मांग को लेकर आत्मदाह की धमकी दे दी थी। उसने इसकी सूचना हजरतगंज पुलिस को भी दी थी। तय कार्यक्रम के तहत दोपहर साढ़े बारह बजे वह 15 कार्यकर्ताओं के साथ सचिवालय भवन के सामने पहुंच गया था।

कपड़े उतर गए और ठंड से कंपकंपाता रहा प्रदीप
मिट्टी का तेल उड़ेलने के बाद युवक के सारे कपड़े खराब हो चुके थे। गिरफ्तार कर हजरतगंज कोतवाली ले जाए गए प्रदीप की पैंट, शर्ट और सदरी तक पुलिस कर्मियों ने उतरवा दी। इसके बाद वह काफी देर तक ठंड से कंपकंपाता रहा। बाद में उसे कंबल दिया गया। कंबल में ही उसे मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाया गया।

वहीं, एनेक्सी के सामने पुलिस ने जैसे ही लाठियां लहराईं प्रदीप के साथ पहुंचे अन्य कार्यकर्ता वहां से भाग खड़े हुए। अकेले प्रदीप पुलिस के हत्थे चढ़ा।

कोतवाली ले जाया गया तो एक भी कार्यकर्ता उसका हाल चाल लेने नहीं पहुंचा। इंस्पेक्टर हजरतगंज ने उसके घर से दूसरे कपड़े मंगाने के लिए प्रदीप से साथियों के मोबाइल पर फोन करवाया तो भी उन्होंने फोन नहीं रिसीव किया।
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