लखनऊ। पांच वर्ष से गले में करीब 750 ग्राम वजनी थॉयराइड गांठ लेकर जी रही एक युवती को आखिरकार राहत मिल गई। बीमारी बढ़ने पर उसे खाना निगलने और सांस लेने में गंभीर दिक्कत होने लगी थी। वजीरबाग निवासी 25 वर्षीय खुशनुमा ने ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय की ईएनटी यूनिट में परामर्श लिया। जांच के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन का फैसला किया और जटिल सर्जरी कर गांठ को सफलतापूर्वक निकाल दिया। सीएमएस के मुताबिक, अस्पताल में इतनी बड़ी थॉयराइड गांठ का यह पहला ऑपरेशन है।
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अनित्या श्रीवास्तव ने बताया कि समय पर इलाज न मिलने से थॉयराइड की गांठ लगातार बढ़ती गई, जिससे युवती को सांस लेने के साथ भोजन निगलने में भी परेशानी होने लगी। 19 दिसंबर को ऑपरेशन किया गया। अब मरीज की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। डॉ. अनित्या ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान निकाली गई गांठ का वजन करीब 750 ग्राम था, जो सामान्य से कई गुना अधिक है। सीएमएस ने सफल ऑपरेशन के लिए पूरी मेडिकल टीम को बधाई दी है।
ऑपरेशन में रही बड़ी चुनौती
डॉ. अनित्या के अनुसार, गांठ के अत्यधिक आकार के कारण सांस की नली दब गई थी और वह अपनी सामान्य स्थिति से खिसक गई थी। इसी वजह से मरीज को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। ऑपरेशन के दौरान बेहोशी देना भी चुनौतीपूर्ण रहा। करीब तीन घंटे चली जटिल सर्जरी के बाद गांठ को सुरक्षित निकाला गया।
निजी अस्पताल में बताए गए थे डेढ़ लाख रुपये
सीएमएस डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि युवती पहले निजी अस्पताल में इलाज के लिए गई थी, जहां ऑपरेशन का खर्च करीब डेढ़ लाख रुपये बताया गया। ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय में आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त सर्जरी की गई।