यूजीसी नेट की परीक्षा में पेपर लीक होने के कारण लखनऊ विश्वविद्यालय में समाजवादी छात्र सभा और एनएसयूआई के छात्रों ने प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान विरोध स्वरूप छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पोस्टर भी जलाया।
यह परीक्षा मंगलवार को आयोजित की गई थी। मामले में हुई गड़बड़ी की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि परीक्षा रद्द करने का फैसला पेपर लीक होने की सूचना के आधार पर लिया गया है।
शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि यूजीसी-नेट परीक्षा का दोबारा आयोजन किया जाएगा। वहीं, प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने एनटीए संस्था को रद्द करने की मांग की है।
एनटीए ने इस परीक्षा के लिए 317 शहरों में 1205 परीक्षा केंद्र बनाए थे।