अफसरों ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों के बयान दर्ज किए तो उन्होंने पहले वाली बातें दोहरा दीं। ग्रामीणों का बयान दर्ज कराने के बाद वापस लौटे बीएसए ने बुधवार को प्रधानाध्यापक को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ तहरीर देकर संग्रामपुर थाने में केस दर्ज कराया है।
बीएसए की ओर से की गई इस कार्रवाई से परिषदीय शिक्षकों में हड़कंप मचा है। बीएसए ने कहा कि प्रधानाध्यापक को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच हो सके इसके लिए प्रधानाध्यापक को बीईओ कार्यालय अमेठी से संबद्ध किया गया है। विस्तृत जांच की जिम्मेदारी बीईओ गौरीगंज को दी गई है।
मामले में कुसुम सोनी का कहना है कि मैं सबके साथ एक जैसा व्यवहार करता हूं, सभी बच्चे एक साथ बैठते हैं। जहां तक झूठे आरोपों का सवाल है, गांव के मुखिया का प्रतिनिधि होने का दावा करने वाला पवन दुबे स्कूल में आया था, सभी को बाहर धकेल दिया, गेट बंद कर दिया और स्कूल में तस्वीरें क्लिक कीं। फिर उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दीं। मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।