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Lucknow News: मनी लॉन्डि्रंग मामले में दोषी बताकर छात्र को चार दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, दो लाख वसूले

Fri, 27 Dec 2024 01:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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लखनऊ। खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच और मुंबई सीबीआई अधिकारी बताकर ठगों ने अलीगंज के त्रिवेणी नगर-3 निवासी छात्र अमन कुमार गुप्ता को चार दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर दो लाख रुपये वसूल लिए। ठगों ने अमन को मनी लॉन्डि्रंग मामले में दोषी बताया था। मामले में अलीगंज पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अमन मिठा की दुकान भी चलाते हैं। फिलहाल वह एक साल से बीमार चल रहे हैं। उनके मुताबिक 11 दिसंबर को अनजान नंबर से कॉल आई। फोनकर्ता ने कहा कि दो घंटे में आपका सिम बंद कर दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए 9 डायल करें। ऐसा करते ही फोनकर्ता ने कहा कि तुम्हारे नाम से दिल्ली में एक सिम खरीदा गया है। औरतों को गलत मैसेज भेजे जा रहे हैं। 27 नवंबर को दिल्ली के एक थाने में आपके खिलाफ केस दर्ज हुआ है। यह सिम तुम्हारे आधार कार्ड से खरीदा गया है। दिल्ली पुलिस पूछताछ करेगी। यह सुनते ही अमन सहम गए।

ठग ने अमन से कहा कि मैं इस बात की जांच कर रहा हूं कि देश में कोई और केस तो तुम्हारे पर दर्ज नहीं है। इसके बाद कॉल कट गई। कुछ देर बाद उनके पास व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आई। वीडियो में बैकग्राउंड पुलिस अधिकारी के कक्ष का था। एक युवक जो खुद को मुंबई सीबीआई अधिकारी बता रहा था और वर्दी पहने था। जबकि दूसरा बिना वर्दी के था और खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अफसर बता रहा था। दोनों ने अमन से कहा कि वह अशोक गुप्ता मनी लॉन्डि्रंग केस में दोषी हैं। इसलिए आप से पूछताछ की जाएगी, जो गोपनीय होगी।
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पत्नी सामने बैठी रही, फिर हो गए अरेस्ट

ठगों के कहने पर अमन कमरे में पहुंचे, वहां उनकी पत्नी पहले से थीं। डर के कारण अमन कब पत्नी के सामने डिजिटल अरेस्ट हो गए, उन्हें पता ही नहीं चला। ठग ने कहा कि तुम्हारा अरेस्ट वारंट निकल चुका है। पूछताछ के बारे में अगर किसी को बताओगे तो देशद्राेही बना दिया जाएगा। चार दिन डिजिटल अरेस्ट रखने के बाद जालसाजों ने आरबीआई जांच के बहाने से दो लाख रुपये वसूल लिए। यही नहीं, उनसे और वसूली की कोशिश की। गनीमत रही कि ठग इसमें सफल नहीं हो पाए।

इलाज के लिए भी नहीं बचे पैसे

अमन ने बताया कि वह एक साल से बीमार चल रहे हैं। रोजगार के नाम पर उनकी सिर्फ मिठाई की दुकान है, जिससे उनका घर चलता है। बीमार होने पर दुकान भी बंद हो गई थी। उससे जो बचत हुई थी वह इलाज में खर्च हो गई। खाते में सिर्फ दो लाख थे, वह निकल गए। अब इलाज और घर का खर्च कैसे चलेगा।

इन बातों का रखें ख्याल
अगर आपके पास अनजान नंबर से काॅल आए तो सावधान हो जाएं। कॉल करने वाला शख्स अगर यह कहता है कि आपके नाम से पार्सल बुक है। कस्टम विभाग ने पकड़ा है। केस दर्ज कर कर कार्रवाई की जा रही है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ऐसे फोन साइबर अपराधी करते हैं। अगर आपके साथ ऐसा होता है तो तत्काल पुलिस से शिकायत करें।

यहां करें शिकायत
ऐसी फोन कॉल की साइबर क्राइम थाने, साइबर सेल, लोकल पुलिस स्टेशन, टोल फ्री नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in वेबसाइट के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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