दरअसल, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में सोमवार से शुरू बेमियादी हड़ताल में राजधानी के अभियंता और कर्मचारी कूदे तो बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई।
शहर के कई इलाकों में सात से दस घंटे तक बिजली संकट रहा। वहीं, वीआईपी इलाकों की बिजली गुल हुई तो मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक तकनीकी सुधीर कुमार सिंह को कूपर रोड उपकेंद्र पहुंचकर शटडाउन लेना पड़ा, तब दूसरे स्रोत से बिजली चालू हो सकी। वहीं, देर रात तक मुख्य अभियंता मधुकर वर्मा अंडरग्राउंड केबल में फॉल्ट खोजते रहे।
उपेंद्र के संविदा कर्मचारियों ने बताया कि सुबह 11:40 बजे कूपर रोड उपकेंद्र को गोमती नगर ट्रांसमिशन उपकेंद्र से आने वाली 33 केवी सप्लाई में ब्रेकडाउन हो गया। इससे विक्रमादित्य मार्ग, माल एवेन्यू, कालीदास मार्ग, जियामऊ और सीएम आवास के आसपास का इलाका बिजली संकट की चपेट में आ गया। वीआईपी इलाके की बिजली गुल होते ही शक्ति भवन में अफसरों के फोन बजने लगे।
इस पर चंद मिनट में निदेशक तकनीकी अधिकारियों के साथ उपकेंद्र पहुंचे और दूसरे ट्रांसमिशन उपकेंद्र से शटडाउन लेकर कूपर रोड उपकेंद्र की बिजली दोपहर 1:10 बजे चालू कराई। इसी तरह जवाहर भवन उपकेंद्र के वीआईपी इलाके डालीबाग की बिजली शाम 4:00 बजे अचानक फॉल्ट से बंद हो गई। निदेशक यहां भी पहुंचे और फॉल्ट ठीक कराने के बाद बिजली चालू कराई।
अहिबारनपुर उपकेंद्र की 33 केवी लाइन ट्रिप होने से 15 हजार से अधिक घरों और दुकानों की बिजली गुल हो गई। शाम चार बजे आया यह संकट देर रात दूर हो सका। इससे करीब दो किमी के दायरे में अंधेरा छाया रहा। यहां पर सभी कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो गए थे। इससे एक भी ऑपरेटर नहीं था, जो वैकल्पिक तरीके से ट्रिप हुई लाइन का फीडर दोबारा लगाकर चालू कर सके। ड्यूटी पर मौजूद संविदा कर्मचारी फीडर चालू करने से कतराते रहे।
न्यू हैदराबाद में सात घंटे बिजली, पानी गुल
यूनिवर्सिटी खंड के तहत आने वाले न्यू हैदराबाद सहित आसपास के कई इलाकों में सात घंटे से अधिक देर तक बिजली और पानी गायब रहा। उपभोक्ता उमेश पाटिल ने बताया कि दोपहर 12 बजे गई बिजली शाम सात बजे तक चालू नहीं हो सकी।
हड़ताल के कारण अधिकारी मोबाइल पर शिकायत नहीं सुन रहे थे। उपकेंद्र गए तो पता चला कि लाइन में तकनीकी खराबी आ गई है, जिसे ठीक नहीं कर सकते। वहीं, इन्वर्टर भी तीन घंटे बाद बंद हो गए।
हड़ताल के चलते छह अधिशासी अभियंता कार्यालय को छोड़कर अन्य वितरण क्षेत्र के सभी अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालय में सोमवार को कामकाज ठप रहा। कर्मचारी कार्यालय के ताला खोलने तक नहीं गए। हालांकि, उपकेंद्र पर संविदा कर्मचारी बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने में लगे रहे।
यहां भी रहा बिजली संकट
मोहनलालगंज के उतरेठिया फीडर के 50 गांव में दोपहर से देर रात तक बिजली ठप।
समेसी उपकेंद्र के अधिकतर गांवों की बिजली 33 केवी लाइन की खराबी से संकट।
अलीगंज के सेक्टर डी में ट्रांसफार्मर में आग लगने से शाम से देर रात तक सप्लाई बाधित।
चिनहट के धावा शिवपुरी में 160 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंका।