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हड़ताल को लेकर कर्मचारी गुटों में जंग

Fri, 15 Nov 2013 12:35 PM IST
शोभित श्रीवास्तव/लखनऊ
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राज्य कर्मचारियों की हड़ताल के तीसरे दिन कर्मचारी संगठनों के दो गुटों में भिडंत हो गई।
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विकास भवन में दो कर्मचारी गुटों की भिडंत के बाद दोनों संगठनों की ओर से हाथापाई, मारपीट और गोली चलाने की शिकायत दर्ज कराई है।

इस बीच राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद व राज्य कर्मचारी महासंघ ने लगातार तीसरे दिन कई सरकारी महकमों में काम ठप रहने का दावा किया है।

कर्मचारी नेताओं ने कहा है कि बुधवार को सरकार से वार्ता विफल होने के बाद गुरुवार को भी राज्य कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल जारी रही।

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इस कारण ज्यादातर विभागों में ताले लटके रहे। उधर, राज्य प्रशासन ने कहा है कि गुरुवार को हड़ताली कर्मचारियों से कोई वार्ता नहीं हुई है।

सरकार की ओर से हड़ताली कर्मचारियों से काम पर लौट आने की अपील की गई है।

कर्मचारियों की हड़ताल में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब विकास भवन में हड़ताल समर्थक और विरोधी कर्मचारियों में टकराव की नौबत आ गई।

आरोप है कि हड़ताल समर्थक कर्मचारियों ने उत्तेजित होकर दफ्तर में  तोड़-फोड़ शुरू कर दी और जमकर हंगामा किया।

हड़ताल विरोधी गुट के नेताओं का आरोप है कि इस दौरान कुछ बाहरी लोगों ने दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग भी की।

पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग-अलग कर स्थिति को और बिगड़ने से बचाया।

इस मामले में हड़ताल का विरोध कर रहे विकास भवन अराजपत्रित कर्मचारी संघ के महामंत्री दिनेश कुमार गुप्ता ने पुलिस से हड़ताल समर्थक चार नेताओं सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट व हंगामा करने की शिकायत की है।

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गौरतलब है कि वेतन विसंगति व केंद्र के समान भत्ता दिए जाने सहित कई मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद व राज्य कर्मचारी महासंघ के साझा मंच ‘राज्य कर्मचारी अधिकार मंच’ के बैनर तले हड़ताल हो रही है।
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अधिकार मंच के नेता गुरुवार को भी टोली बनाकर विभागों में गए और वहां कार्यालय बंद कराए।हड़ताल का सबसे ज्यादा असर सिंचाई विभाग, निबंधन फर्म सोसाइटी, अल्प बचत, सामूहिक बीमा योजना, वाणिज्य कर, आबकारी, सूचना निदेशालय, तहसील, राजस्व संग्रह, चकबंदी, शिक्षा भवन, परिवार कल्याण निदेशालय, खेल निदेशालय में दिखाई दिया।
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वहीं, राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के अध्यक्ष मंडल अजय सिंह व हरिकिशोर तिवारी के नेतृत्व में कर्मचारी नेताओं ने कई टीमों के साथ विभागों में हड़ताल का जायजा लिया।

लोक निर्माण विभाग मुख्यालय, कृषि भवन, जवाहर भवन, इंदिरा भवन सहित कई स्थानों पर राज्य कर्मचारियों की इस हड़ताल का असर कुछ कम दिखाई दिया।

कर्मचारी संगठनों के बीच आपसी मतभेद को देखते हुए अब सरकार भी हड़ताल खत्म करवाने के दूसरे तरीकों को देख रही है।

इसी के चलते सरकार ने गुरुवार को हड़ताली कर्मचारियों को वार्ता के लिए नहीं बुलाया।

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