फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चालकों-कंडक्टरों की हड़ताल से भटकते रहे यात्री

Wed, 11 Dec 2013 02:02 AM IST
निशांत कुमार यादव/लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
महिला यात्री को बस में न बैठाने की शिकायत पर हुई कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को अवध डिपो के चालकों और कंडक्टरों ने हड़ताल कर दी।
विज्ञापन


गोंडा सहित आसपास के जिलों के लिए बसें न चलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हाईकोर्ट के पास स्थित डिपो पहुंचे सैकड़ों यात्रियों को मजबूरी में कैसरबाग बस अड्डे का रुख करना पड़ा।

इसके चलते बसों में जगह के लिए जबरदस्त मारामारी रही। 11 अक्तूबर को एक महिला ने अवध डिपो की बस के ड्राइवर और कंडक्टर पर जगह होने के बावजूद न बैठने देने की शिकायत की थी।
विज्ञापन


महिला के अनुसार 10 अक्तूबर को अवध डिपो पहुंची और बस संख्या यूपी-33-टी-9632 में बैठने लगी। इस दौरान परिवहन निगम के चालक जावेद अली और संविदा कंडक्टर योगेंद्र मिश्र ने उसे रोक दिया।

शिकायत मिलने पर निगम ने चालक व कंडक्टर के साथ ही महिला को पक्ष रखने के लिए बुलाया था। महिला का पता न मिलने के कारण नोटिस वापस आ गया।

इस बीच सोमवार को चालक को निलंबित और कंडक्टर को बर्खास्त कर दिया गया। इसकी जानकारी होते ही मंगलवार सुबह अवध डिपो के चालक और कंडक्टर जुटने लगे।

परिवहन निगम संविदा कर्मचारी संघर्ष यूनियन ने कार्रवाई के विरोध में हड़ताल की घोषणा कर दी। इसके बाद गोंडा जाने वाली बसों में बैठे यात्रियों को उतार दिया गया।

बाहर से आयी बसों को भी खड़ा करा दिया गया। देखते ही देखते करीब 60 बसों के पहिए थम गए। यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष कमाल अहमद ने कार्रवाई वापस न होने तक हड़ताल जारी रहने का ऐलान किया है।

बेहाल हुए यात्री
अवध डिपो से बस पकड़ने के लिए सुबह से ही यात्रियों की भीड़ जुटने लगी थी। अचानक हुई हड़ताल के कारण लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।

सामान के साथ ही बुजुर्ग, बच्चों व महिलाओं के साथ लोगों को कैसरबाग बस अड्डे का रुख करना पड़ा। इस दौरान रिक्शे वालों ने भी लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए मनमाना किराया वसूला।
विज्ञापन


महज एक किमी के लिए 50 रुपये तक लिए। गोंडा,गोरखपुर,बलरामपुर,बहराइच सहित आसपास के जिलों के यात्रियों की कैसरबाग बस अड्डे पर अचानक भीड़ उमड़ने से जगह की मारामारी मच गई।

लोगों में इसे लेकर कहासुनी भी हुई। इसके बाद आसपास के जिलों के लिए अतिरिक्त बसें भी चलाई गईं, लेकिन फिर भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें