दुर्गा देवी अर्थात दुर्गा भाभी का नाम लखनऊ के लिए अनजान नहीं है। वह न सिर्फ लखनऊ में रहीं बल्कि आजादी की लड़ाई में भी काफी सक्रिय रहीं। उन्होंने बालिका शिक्षा के लिए भी कई काम किए। लखनऊ में स्कूल खोले। उनका जन्म इलाहाबाद में एक न्यायाधीश के घर पर हुआ था।
पर, घर का वातावरण देशप्रेस में ओतप्रोत होने के कारण उन पर बचपन से ही राष्ट्रभक्ति उनके खून में घुल गई थी। वह जब 11 वर्ष की थीं तभी उनका विवाह लाहौर के 15 वर्षीय बालक भगवती चरण बोहरा से हो गया। भगवती चरण जब लाहौर के नेशनल कॉलेज में पढ़ रहे थे तभी उनका संपर्क क्रांतिकारियों से हो गया था।
विवाह के बाद दुर्गा देवी को पति के क्रांतिकारी होने की जानकारी हुई तो पति के साथ देश सेवा के लिए क्रांति का पथ उन्होंने भी चुन लिया। पर, इस पथ पर उनकी जगह-जगह परीक्षा हुई। एक वक्त ऐसा भी आया कि भगत सिंह और सुखदेव ने उनके घर की तलाशी ली। पर इस तलाशी के बाद इन लोगों से उनके जो रिश्ते बने वह अंतिम सांस पर ही टूटे।