गोमती पार बैठने वाले एक पीपीएस अधिकारी को उनके विभाग वाले मठाधीश कहकर बुलाते हैं।
दरअसल सत्ता के करीबी माने जाने वाले इन पीपीएस अधिकारी की आदतों के चलते ऐसा हो रहा है। इन अफसर के यहां अक्सर दरबार सजा रहता है। खास तौर से जमीन से जुड़े मामलों को लेकर।
ये जब भी किसी मातहत की जांच के लिए निकलते हैं, महकमे के लोग बातें करने लगते हैं कि जब खुद साहब के खिलाफ जमीन के मामलों को लेकर जांच चल रही है तो वे किस मुंह से दूसरों की जांच करेंगे?
फिर इन्हीं अफसर के लिए मातहत यह भी कहते हैं कि जब सत्ता का है हाथ तो फिर डर की क्या बात?